इंदौर। मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने सोमवार को इंदौर के ऐतिहासिक दशहरा मैदान में आयोजित...
इंदौर। मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने सोमवार को इंदौर के ऐतिहासिक दशहरा मैदान में आयोजित एक भव्य कार्यक्रम के दौरान शहरवासियों को पेयजल व्यवस्था की एक बड़ी सौगात दी। मुख्यमंत्री ने अमृत 2.0 (AMRUT 2.0) योजना के तहत 1,356 करोड़ रुपये की लागत वाली नर्मदा परियोजना के चौथे चरण का भूमिपूजन किया।
भविष्य की पानी की जरूरत को पूरा करना उद्देश्य
इस परियोजना का मुख्य उद्देश्य इंदौर की भविष्य की (वर्ष 2040 तक) पानी की जरूरतों को पूरा करना और शहर में 24 घंटे जलापूर्ति (24x7 water supply) सुनिश्चित करना है। इस नए चरण के शुरू होने से इंदौर के बुनियादी ढांचे में क्रांतिकारी बदलाव आएंगे।
ढाई लाख लगेंगे नए नल कनेक्शन
इस परियोजना के माध्यम से शहर के विभिन्न क्षेत्रों में लगभग 2.4 से 2.5 लाख नए घरेलू नल कनेक्शन दिए जाएंगे। काम पूरा होने के बाद शहर को वर्तमान की तुलना में लगभग दोगुना पानी मिल सकेगा, जिससे कुल आपूर्ति 900 एमएलडी (MLD) तक पहुंच जाएगी।
शहर में नया आधारभूत संरचना
शहर के अलग-अलग हिस्सों में 40 नई पानी की टंकियों (Overhead Tanks) का निर्माण किया जाएगा। लगभग 1400 किलोमीटर लंबी नई पाइपलाइन का जाल बिछाया जाएगा। वांचू पॉइंट से राऊ सर्कल तक 39 किलोमीटर लंबी मुख्य ग्रेविटी पाइपलाइन बिछाई जाएगी।
ग्रामीण क्षेत्रों में भी सुविधा
नगर निगम सीमा में शामिल हुए 29 गांवों और शहर के बाहरी वार्डों में भी पाइपलाइन विस्तार कर शुद्ध पेयजल पहुंचाया जाएगा। नर्मदा परियोजना के तहत पानी 70 किलोमीटर दूर से पंप करके इंदौर लाया जाता है। इसके प्रथम चरण में वर्ष 1978 में क्रियान्वित हुआ। द्वितीय चरण वर्ष 1992 में शुरू हुआ। शुरुआती दो चरणों में 90-90 एमएलडी यानी कुल 180 एमएलडी पानी इंदौर को मिलता था, जो अब चौथे चरण के बाद कई गुना बढ़ जाएगा।
मुख्यमंत्री ने अन्य विकास कार्यों का किया उल्लेख
भूमिपूजन के साथ-साथ मुख्यमंत्री ने इंदौर में अन्य विकास कार्यों का भी उल्लेख किया। सिरपुर क्षेत्र में 20 एमएलडी क्षमता वाले अत्याधुनिक सीवेज ट्रीटमेंट प्लांट (STP) का लोकार्पण किया गया। सिंहासा आईटी पार्क में 'लॉन्चपैड: इनक्यूबेशन एंड इनोवेशन सेंटर' की शुरुआत की गई। 'संकल्प से समाधान' अभियान के तहत विभिन्न सरकारी योजनाओं के लाभार्थियों को सहायता राशि और प्रमाण पत्र वितरित किए गए।
सरप्लस की दिशा में बडा कदम
मुख्यमंत्री ने कहा कि इंदौर स्वच्छता और विकास में हमेशा अग्रणी रहा है और यह परियोजना शहर को 'वॉटर सरप्लस' बनाने की दिशा में एक बड़ा कदम है।
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