जबलपुर। हाईकोर्ट ने नरसिंहपुर के बहुचर्चित शिखा हत्याकांड में अपना महत्वपूर्ण फैसला सुनाया है। अदालत ने आरोपी बहन खुशबू और उसके प्रेमी राहुल की उम्रकैद की सजा को बरकरार रखी है...
जबलपुर। हाईकोर्ट ने नरसिंहपुर के बहुचर्चित शिखा हत्याकांड में अपना महत्वपूर्ण फैसला सुनाया है। अदालत ने आरोपी बहन खुशबू और उसके प्रेमी राहुल की उम्रकैद की सजा को बरकरार रखी है। अदालत ने अपराध की प्रकृति को अत्यंत गंभीर और विचलित करने वाला माना है। सुनवाई के दौरान हाई कोर्ट ने टिप्पणी की कि अपनी ही बहन की हत्या करना 'ईर्ष्या से उपजी एक मानसिक विकृति' का परिणाम है।
कोर्ट ने रियायत देने से किया इनकार
दोषियों ने अपनी उम्रकैद की सजा पर रोक लगाने या उसमें कमी करने की अपील की थी, जिसे हाई कोर्ट ने सिरे से खारिज कर दिया। कोर्ट ने इस तरह के जघन्य अपराधों और सामाजिक परिस्थितियों को देखते हुए राज्य सरकार को 90 दिनों के भीतर एक नई नीति लाने का निर्देश दिया है।
यह मामला नरसिंहपुर जिले का है। वहां 'शिखा' नाम की युवती की हत्या कर दी गई थी। जांच में सामने आया कि आरोपी खुशबू (शिखा की बहन) और उसका प्रेमी राहुल प्रेम संबंधों में थे। मृतका शिखा उनकी लव मैरिज और संबंधों के बीच में बाधा बन रही थी। इसी अवरोध को हटाने के लिए खुशबू और राहुल ने मिलकर शिखा की निर्मम हत्या कर दी।
दिशा-निर्देश तैयार करे सरकार
हाई कोर्ट के कड़े रुख के बाद अब राज्य सरकार को 90 दिनों के भीतर ऐसी घटनाओं को रोकने या उन पर कानूनी कार्रवाई को और प्रभावी बनाने के लिए दिशा-निर्देश तैयार करने होंगे। यह फैसला समाज में प्रेम विवाह और पारिवारिक विवादों के नाम पर होने वाली हिंसा के खिलाफ एक कड़ा संदेश है।
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