भिंड। कारगिल युद्ध में देश के लिए लड़ने वाले एक रिटायर्ड सूबेदार, हरिदास दैपुरिया, आज अपनी ही पत्नी के लिए न्याय मांगने को मजबूर हैं।
भिंड। कारगिल युद्ध में देश के लिए लड़ने वाले एक रिटायर्ड सूबेदार, हरिदास दैपुरिया, आज अपनी ही पत्नी के लिए न्याय मांगने को मजबूर हैं। पिछले एक साल से अपनी पत्नी की हत्या के आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए वे सिस्टम से लड़ रहे हैं, लेकिन अब तक उन्हें केवल आश्वासन ही मिला है।
मामला क्या है
रिटायर्ड सूबेदार हरिदास की पत्नी, सुशीला देवी, की एक साल पहले हत्या कर दी गई थी। पीड़ित का आरोप है कि पुलिस अभी तक हत्यारों को पकड़ नहीं पाई है। न्याय पाने की आस में हरिदास अब तक 35 बार थाने के चक्कर काट चुके हैं और 7 बार भिंड एसपी ऑफिस में अपनी फरियाद लेकर पहुंचे हैं।
रिटायर्ड सुवेदार ने दी अंतिम चेतावनी
व्यवस्था की अनदेखी से आहत होकर उन्होंने प्रशासन को अल्टीमेटम दिया है कि यदि आरोपियों को गिरफ्तार नहीं किया गया, तो वे 15 अप्रैल को अपने पूरे परिवार के साथ आत्मदाह कर लेंगे। रिटायर्ड सूबेदार का कहना है कि उन्होंने देश की सीमाओं की रक्षा की, लेकिन आज उन्हें अपने ही घर में हुए अपराध का इंसाफ नहीं मिल रहा है। इस घटना ने पुलिस की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं कि आखिर एक साल बीत जाने के बाद भी जांच किसी नतीजे पर क्यों नहीं पहुँची। उनका कहना है कि एक साल से पुलिस हत्यारों को नहीं पकड़ पाई है। अगर 15 अप्रैल तक कार्रवाई नहीं हुई, तो परिवार समेत आत्मदाह के अलावा कोई रास्ता नहीं बचेगा।
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