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मृत्यु पूर्व मौखिक घोषणा पर भरोसा नहीं : हाईकोर्ट

मृत्यु पूर्व मौखिक घोषणा पर भरोसा नहीं : मध्य प्रदेश हाईकोर्ट

MP News : जबलपुर। मत्यु पूर्व मौखिक घोषणा को बिना किसी स्वतंत्र साक्ष्य के कानूनी रूप से स्वीकार नहीं किया जा सकता। यह उचित नहीं है। ऐसे बयान पर आधारित दोष को साबित करने के लिए कानूनी रूप स्वीकार

मृत्यु पूर्व मौखिक घोषणा पर भरोसा नहीं  मध्य प्रदेश हाईकोर्ट

मृत्यु पूर्व मौखिक घोषणा पर भरोसा नहीं : मध्य प्रदेश हाईकोर्ट |

MP News : जबलपुर। मृत्यु पूर्व मौखिक घोषणा को बिना किसी स्वतंत्र साक्ष्य के कानूनी रूप से स्वीकार नहीं किया जा सकता। यह उचित नहीं है। ऐसे बयान पर आधारित दोष को साबित करने के लिए कानूनी रूप स्वीकार करना उचित नहीं है। इस तरह के बयान पर आधारित दोष सिद्ध तब तक कायम नहीं रखी जा सकती जब तक इसे ठोस सबूतों का समर्थन नहीं मिले। इस आधार पर जस्टिस विवेक आग्रवाल और जस्टिस एके सिंह की बेंच ने ङत्या के प्रकरण में दोषी ठहराए गये पति औऱ पत्नी पिंकी यादव और रमाकांत यादव औऱ देवर मिंटू उर्फ घनश्याम को आजीवन कारावास से बरी कर दिया है। 

मालूम हो कि अनुपपुर निवासी तीनों आरोपियों ने जिला न्यायालय द्वारा सुनाई गई सजा के खिलाफ उच्च न्यायालय में अपील दायर की थी। अधिवक्ता ब्रह्मेंद्र पाठक के तर्क दिया कि घायल देवेंद्र जयसवाल ने अपने कथित मृत्यु पूर्व बयान में 5  अज्ञात लोगों द्वारा लूट की बात कही थी। यह घटना 30 मई 2019 की रात को हुई थी। देंवेंद्र को जबलपुर में भर्ती कराया गया। 14 जून 2019 को उनकी मृत्यु हो गई। उसके बाद मृतक के भांजे के बयान पर अपीलकर्ता के नाम जुड़े और उसके खिलाफ सजा दर्ज की गई। कोर्ट ने पाया कि एफआईआर और धारा 161 के प्रारंभिक बयान में आरोपियों के नाम नहीं थे। और गवाहों के बयान  में भी गंभीर विरोधाभाष था। इस स्थिति में केवल मौखिक पूर्व बयान पर सजा कायम नहीं रखी जा सकती। 

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Delhi : रक्षा अनुसंधान एवं विकास संगठन (डीआरडीओ) ने समुद्र के अंदर चलने वाले खास किस्म के उपकरण तैयार किए हैं। इन मशीनों में खास तरह के 'सोनार' और कैमरे लगे हैं, जो पानी के नीचे मौजूद बारूदी सुरंग जैसी संदिग्ध चीजों का रियल-टाइम में पता लगाने और पहचान करने में मदद करते हैं। 
रक्षा मंत्रालय ने शुक्रवार को बताया कि इन नए उपकरणों को 'मैन-पोर्टेबल ऑटोनॉमस अंडरवॉटर व्हीकल्स' (एमपी-एयूवी) कहा जाता है। इन्हें डीआरडीओ की विशाखापट्टनम स्थित नौसेना विज्ञान एवं तकनीकी प्रयोगशाला ने विकसित किया है।

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