सरगुजा। छत्तीसगढ़ के सरगुजा जिले में स्थित मैनपाट को 'छत्तीसगढ़ का शिमला' और 'मिनी तिब्बत' कहा जाता है।
सरगुजा। छत्तीसगढ़ के सरगुजा जिले में स्थित मैनपाट को 'छत्तीसगढ़ का शिमला' और 'मिनी तिब्बत' कहा जाता है। यह स्थान अपनी प्राकृतिक सुंदरता के साथ-साथ कुछ ऐसी रहस्यमयी घटनाओं के लिए दुनिया भर में मशहूर है। इसका विज्ञान भी उत्तर नहीं दे पाया है।
जलजली यानि उछलती हुई रहस्यमयी जमीन
'उछलती धरती' के स्थानीय भाषा में 'जलजली' या 'दलदली' कहा जाता है। यहां की जमीन की ऊपरी सतह देखने में तो सामान्य घास के मैदान जैसी लगती है, लेकिन जैसे ही कोई इस पर कूदता है, जमीन किसी स्पंज या गद्दे की तरह ऊपर-नीचे होने लगती है।
हेता है रोमांच का अनुभव
यहां पर्यटक विशेष रूप से उछल-कूद करने आते हैं। जब एक व्यक्ति कूदता है, तो उसके आसपास की जमीन भी लहरों की तरह कंपन करने लगती है।
इसका वैज्ञानिक कारण
वैज्ञानिकों और भू-गर्भ शास्त्रियों के अनुसार, इसके पीछे कोई दैवीय शक्ति नहीं बल्कि एक भू-वैज्ञानिक प्रक्रिया है जिसे लिक्विफैक्शन (Liquefaction) कहा जा सकता है। माना जाता है कि जमीन की ऊपरी ठोस परत के नीचे पानी का भारी दबाव और दलदली क्षेत्र है। भीतर खाली जगह (pores) होने के कारण वहां हवा और पानी का संतुलन ऐसा बना है कि ऊपरी सतह लचीली हो गई है।
मैनपाट के कई और आकर्षण
सिर्फ जलजली ही नहीं, मैनपाट में एक और अद्भुत जगह है जिसे 'उल्टा पानी' कहा जाता है। यहाँ पानी ढलान की ओर बहने के बजाय ऊंचाई की ओर बहता हुआ दिखाई देता है। यहाँ न्यूट्रल गियर में खड़ी गाड़ियां भी अपने आप ऊंचाई की ओर खिंचने लगती हैं, जो गुरुत्वाकर्षण के नियमों को चुनौती देती प्रतीत होती हैं।
तिब्बती मठ और बुद्ध मंदिर भी पर्यटकों के लिए अहम
मैनपाट समुद्र तल से लगभग 3,781 फीट की ऊंचाई पर स्थित है। यहाँ का तिब्बती मठ और बुद्ध मंदिर भी पर्यटकों के आकर्षण का मुख्य केंद्र है।
यह भी पढ़े: इस साल 8 बड़े मंगल का दुर्लभ महासंयोग
https://www.primenewsnetwork.in/religion/rare-alignment-of-8-bada-mangal-this-year/155495