तृणमूल कांग्रेस सुप्रीमो और पूर्व मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने धक्का देने और चोर-चोर कहकर अपमानित किए जाने का आरोप लगाया है।
कोलकाता (पश्चिम बंगाल)। तृणमूल कांग्रेस सुप्रीमो और पूर्व मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने धक्का देने और चोर-चोर कहकर अपमानित किए जाने का आरोप लगाया है। यह घटना तब हुई जब वे बतौर वकील एक मामले में हुई सुनवाई में हिस्सा लेकर कलकता हाई कोर्ट के जज के कक्ष से बाहर जा रही थी। पुलिस ने उन्हें किसी तरह से वहां हमलावर वकीलों की भीड़ से सुरक्षित बाहर किया।
जज के कक्ष से बाहर निकलते वक्त घटना
ममता बनर्जी का कहना है कि उन पर हाथ छोड़ा गया। जज के कक्ष में जाते वक्त भी उनके खिलाफ टिप्पणी की गई थी। उन्होंने जज के सामने भी इसका जिक्र किया और कहा कि जब उनके साथ कोर्ट परिसर में दुर्व्यवहार हो रहा है तो इसके अंदाज लगाया जा सकता है कि तृणमूल कंग्रेस के साधारण कार्यकर्ताओं-नेताओं के साथ क्या हो रहा होगा।
न्यायालय में उठाया मुद्दा
विधानसभा चुनाव के बाद राज्य में तृणमूल कांग्रेस के कार्यकर्ताओं-नेताओं को धमकी, उन पर हमले, तृणमूल कांग्रेस के कार्यालयों में तोड़फोड़-आगजनी की घटनाओं को लेकर कोर्ट में जनहित याचिका दाखिल गई थी। मुख्य जज सुजय पाल और पार्थसारथी सेन की खंडपीठ ने सुनवाई की। सुनवाई को दैरान वकील ममता बनर्जी ने खंडपीठ को बताया कि तृणमूल कांग्रेस के कार्यकर्ताओं-नेताओं को धमकियां दी जा रगी है।
पुलिस पर शिकायतें दर्ज नहीं करने का आरोप
उन्होंने आरोप लगाया कि 150-60 तृणमूल पार्टी के कार्यालयों में तोड़फोड़ और आगजनी की गई। दो हजार से अधिक हिंसा की घटनाएं हुई है। तृणमूल कांग्रेस के 10 कार्यकर्ता मारे गए। ममता बनर्जी ने बताया कि पुलिस शिकायतों को दर्ज नहीं कर रही है। कालीघाट थाने में शिकायत दर्ज नहीं की जा रही है। शिकायतों को ऑनलाइन दर्ज कराया जा रहा है लेकिन पुलिस कोई कार्रवाई नहीं कर रही है।
न्यू मार्केट में बुलडोजर कार्रवाई को लेकर विवाद
ममता बनर्जी ने कोर्ट को बताया कि न्यू मार्केट में बुलडोजर से पार्टी कार्यालय को तोड़ा गया। इस राज्य में उत्तर प्रदेश की तरह बुलडोजर का इस्तेमाल किया जा रहा है। तिलजला में बुलडोजर से घर तोड़ दिया गया। कानूनी प्रक्रियाओं को पूरी नही की जा रही है। अराजक स्थिति है।
पुलिस ने ममता बनर्जी के आरोपों पर उठाए सवाल
सरकार की पुलिस की ओर से दलील दी गई कि सारी घटनाएं चुनाव के बाद हिंसा की घटनाएं नहीं है। जिन दो हजार घटनाओं को जिक्र किया गया व अस्पष्ट हैं। वे घटनाएं कब और कहां व कैसे हुईं, पता नहीं चल रहा है। इस बारे में शपथपत्र दाखिल किया जाए तो पुलिस कार्रवाई करेगी। न्यू मार्केट में सरकार की ओर से बुलडोजर नहीं मंगाया गया था। उस घटना में 9 लोगों को गिरफ्तार किया गया है। तिलजला में कानून के तहत की जाने वाली कार्रवाई में अवैध निर्माण को तोड़ा जा रहा है।
राजनीतिक टकराव और कानून व्यवस्था पर बहस
कोर्ट ने कहा कि वह अपना फैसला अपन वेबसाइट पर प्रस्तुत कर देगा। ममता बनर्जी के साथ कोर्ट में मौजूद रहे तृणमूल कांग्रेस के सांसद व वकील कल्याण बनर्जी ने कहा कि कोर्ट परिसर में ममता बनर्जी और उनके सामने जब इस तरह की हरकत हो सकती है तो पूरे राज्य में क्या हो रहा है, इससे पता चलता है। राज्य में कोई कानून ही नहीं रह गया है।
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