मध्यप्रदेश हाईकोर्ट की ग्वालियर खंडपीठ ने भारतीय सेना में भर्ती से जुड़े एक महत्वपूर्ण मामले में अहम फैसला सुनाया है।
ग्वालियर। मध्यप्रदेश हाईकोर्ट की ग्वालियर खंडपीठ ने भारतीय सेना में भर्ती से जुड़े एक महत्वपूर्ण मामले में अहम फैसला सुनाया है। कोर्ट ने स्पष्ट किया है कि सेना भर्ती से संबंधित कुछ मामलों की सुनवाई आर्म्ड फोर्सेस ट्रिब्यूनल (AFT) के बजाय हाईकोर्ट में की जा सकती है। इस फैसले को सेना भर्ती से जुड़े अभ्यर्थियों के लिए बड़ी राहत माना जा रहा है।
खारिज याचिका को फिर सुनवाई के लिए बहाल किया
हाईकोर्ट की ग्वालियर खंडपीठ ने पहले खारिज की गई एक याचिका को दोबारा सुनवाई के लिए बहाल कर दिया है। कोर्ट ने माना कि मामले में याचिकाकर्ता को हाईकोर्ट में सुनवाई का अधिकार है और इसे केवल आर्म्ड फोर्सेस ट्रिब्यूनल के अधिकार क्षेत्र में नहीं माना जा सकता।
रिट अपील हाईकोर्ट की युगलपीठ में दायर
याचिकाकर्ता की ओर से हाईकोर्ट की युगलपीठ में रिट अपील दायर की गई थी। सुनवाई में कोर्ट ने कहा कि भर्ती से जुड़े मामलों में यदि सेवा में शामिल होने से पहले का विवाद है, तो ऐसे मामलों की सुनवाई हाईकोर्ट में हो सकती है।
जल्द निपटारे के निर्देश
हाईकोर्ट ने निर्देश दिया कि इस तरह की रिट याचिकाओं का निपटारा जल्द किया जाना चाहिए, ताकि अभ्यर्थियों को अनावश्यक देरी का सामना न करना पड़े। कोर्ट ने मामले को फिर से सुनवाई के लिए स्वीकार करते हुए संबंधित पक्षों को नोटिस जारी किए हैं।
भर्ती अभ्यर्थियों को राहत
कानूनी जानकारों के अनुसार, इस फैसले से सेना भर्ती से जुड़े उन अभ्यर्थियों को राहत मिलेगी, जिनकी याचिकाएं पहले आर्म्ड फोर्सेस ट्रिब्यूनल के अधिकार क्षेत्र का हवाला देकर खारिज कर दी जाती थीं। अब ऐसे मामलों में हाईकोर्ट का दरवाजा भी खुला रहेगा।
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