मध्य प्रदेश कैडर के आईएएस अधिकारियों द्वारा वर्ष 2025 की स्थिति में घोषित की गई संपत्ति के आंकड़ों से कई चौंकाने वाले खुलासे हुए हैं।
भोपाल। मध्य प्रदेश कैडर के आईएएस अधिकारियों द्वारा वर्ष 2025 की स्थिति में घोषित की गई संपत्ति के आंकड़ों से कई चौंकाने वाले खुलासे हुए हैं। इस रिपोर्ट के अनुसार, प्रदेश के वरिष्ठ अधिकारियों और जिला कलेक्टरों की आर्थिक स्थिति में भारी अंतर देखने को मिला है।
अपर मुख्य सचिव मनु श्रीवास्तव की संपत्ति 19 करोड़ से अधिक
सबसे अमीर अधिकारी: अपर मुख्य सचिव (ACS) मनु श्रीवास्तव प्रदेश के सबसे धनी आईएएस अधिकारी बनकर उभरे हैं। उनके पास कुल 19 करोड़ 50 लाख रुपये की अचल संपत्ति है। प्रदेश के मुख्य सचिव (Chief Secretary) अनुराग जैन की कुल अचल संपत्ति 4 करोड़ 15 लाख रुपये है। इस लिहाज से मनु श्रीवास्तव की संपत्ति मुख्य सचिव की तुलना में लगभग 4.7 गुना अधिक है।
12 जिलों के कलेक्टर के पास घर नहीं, सोनिया मीना का अजीब मामला
बिना घर वाले कलेक्टर: रिपोर्ट में यह भी सामने आया है कि मध्य प्रदेश के 12 जिलों के कलेक्टरों के पास अपना कोई निजी घर या खेती की जमीन नहीं है। इन अधिकारियों ने अपनी अचल संपत्ति 'निल' (Zero) घोषित की है। नर्मदापुरम की कलेक्टर सोनिया मीना की संपत्ति के आंकड़ों ने सबको चौंका दिया है। उनकी संपत्ति बढ़ने के बजाय घट गई है। रिपोर्ट के अनुसार, उनके पास मौजूद एक प्लॉट की कीमत, जो 2010 में 4.50 लाख रुपये थी, अब घटकर मात्र 1 लाख रुपये रह गई है (कीमत में 4 गुना गिरावट)।
आईएएस विवेक अग्रवाल के पास सबसे अधिक जमीन
आईएएस विवेक अग्रवाल के पास सबसे अधिक 65 एकड़ कृषि भूमि है, जो विभिन्न शहरों जैसे बठिंडा, इंदौर और भोपाल में फैली हुई है। नवजीवन पवार के नाम सबसे अधिक 20 संपत्तियां दर्ज हैं। मध्यप्रदेश के 391 आईएएस अधिकारियों में से मनु श्रीवास्तव शीर्ष पर बने हुए हैं। उनकी अधिकांश संपत्ति प्रयागराज और नोएडा में स्थित है। जानकारी अधिकारियों द्वारा सरकार को दिए गए अचल संपत्ति रिटर्न (IPR) के आधार पर है।
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