प्राइम न्यूज़ – एक कसम, राष्ट्र प्रथम
Breaking News

मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने किया शुभारंभ

मध्य प्रदेश में पहला साइबर पंजीयन कार्यालय शुरू, अब रजिस्ट्रेशन पूरी तरह पेपरलेस

राजधानी में सोमवार को साइबर पंजीयन कार्यालय शुरू किया गया। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने इसका शुभारंभ किया। मध्यप्रदेश वाणिज्यिक कर विभाग (पंजीयन) का यह पहला साइबर पंजीयन कार्यालय है।

मध्य प्रदेश में पहला साइबर पंजीयन कार्यालय शुरू अब रजिस्ट्रेशन पूरी तरह पेपरलेस

MP Launches First Cyber Registration Office, Goes Fully Paperless |

भोपाल। राजधानी में सोमवार को साइबर पंजीयन कार्यालय शुरू किया गया। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने इसका शुभारंभ किया। मध्यप्रदेश वाणिज्यिक कर विभाग (पंजीयन) का यह पहला साइबर पंजीयन कार्यालय है। प्रदेश में पहले से ही संपदा-1.0 और संपदा-2.0 लॉन्च किया जा चुका है। अब प्रदेश में साइबर पंजीयन की प्रक्रिया और भी आसान होगी। मध्यप्रदेश, भारत का पहला राज्य है, जिसने डिजिटली लोन, मुख्तारनामा, माइनिंग लीज, हलफनामा, पावर ऑफ अटॉर्नी, पार्टनरशिप डीड जैसी 75 से अधिक सेवाओं के लिए साइबर पंजीयन शुरू किया है। इस नवाचार से पेपरलेस और कैशलेस काम होगा। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि अब शासन और उसके विभागों के अलग दस्तावेज भी पेपरलेस रजिस्ट्रेशन से पूरे होंगे।

अब नहीं जाना होगा पंजीयन कार्य़ालय

हाउसिंग बोर्ड और विकास प्राधिकरण के अंतरण के लिए जनता को पंजीयन कार्यालय नहीं जाना पड़ेगा। वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग से वीडियो केवाईसी सहित सभी कार्य होंगे, इससे धन और समय दोनों की बचत होगी। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि संपदा 2.0 के नवाचार को वर्ष 2025 का राष्ट्रीय ई-गवर्नेंस स्वर्ण पुरस्कार मिला है। अब तक 14 लाख 95 हजार से अधिक दस्तावेजों का पंजीयन हो चुका है।

55 जिलों में परियोजन लागू

राज्य सरकार ने 55 जिलों में साइबर तहसील परियोजना को लागू किया है, जिसमें राजस्व बंटवारा, नामांतरण की प्रक्रिया भी संपदा 2.0 से हो सकती है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि विभागीय अधिकारी साइबर पंजीयन सुविधा के माध्यम से स्वस्थ प्रतिस्पर्धा के साथ मौजूदा वित्त वर्ष में अपने लक्ष्य पूरे करें।

उप मुख्यमंत्री ने इन सेवा को किया लॉन्च

उप मुख्यमंत्री एवं वाणिज्यिक कर मंत्री जगदीश देवड़ा ने कहा कि वर्ष 2024-25 में दस्तावेजों के पंजीयन और ई-स्टांपिंग के लिए एडवांस सॉफ्टवेयर संपदा 2.0 लॉन्च किया। इससे चल और अचल संपत्ति के दस्तावेज डिजिटल और पेपरलेस तरीके से पंजीकृत हो रहे हैं। कई दस्तावेज तो ऐसे हैं जिनके लिए उप-पंजीयक कार्यालय भी नहीं जाना पड़ता है। सबसे पहले गुना, हरदा, रतलाम और डिंडोरी जिलों में नई ई-पंजीयन और ई-स्टांपिंग व्यवस्था संपदा 2.0 का सफल पायलट प्रोजेक्ट चलाया गया था। उन्होंने बताया कि पंजीयन से जुड़े कार्यों को पूरी तरह पेपरलेस बनाने हेतु प्रदेशभर के 14 लाख कर्मचारियों को ट्रेनिंग दी गई है।

यह भी पढ़ें: https://www.primenewsnetwork.in/state/mp-govt-unveils-2000-cr-plan-to-boost-critical-healthcare/144077

एमपी में स्वास्थ्य ढांचा होगा मजबूत, पाच वर्ष में खर्च होंगे ₹2000 करोड़ रुपये

Related to this topic: