बीते 30 अप्रैल को हुए बरगी क्रूज हादसे में मध्य प्रदेश पर्यटन विकास निगम की एक गंभीर लापरवाही सामने आई है। अधिकारियों को क्रूज के खराब होने की जानकारी पहले से थी।
जबलपुर (मध्य प्रदेश)। बीते 30 अप्रैल को हुए बरगी क्रूज हादसे में मध्य प्रदेश पर्यटन विकास निगम की एक गंभीर लापरवाही सामने आई है। जांच में यह तथ्य प्रकाश में आया है कि अधिकारियों को क्रूज के खराब होने की जानकारी पहले से थी, फिर भी उसे पानी में उतारा गया।
पहले से दी गई थी चेतावनी
घटना के 13 दिन बाद मैकल रिसॉर्ट के नाम से लिखा गया एक पत्र सामने आया है। इस पत्र में 1 मार्च को ही निगम को सूचित कर दिया गया था कि क्रूज के दोनों इंजन खराब हैं और उन्हें बदला जाना चाहिए। इंजन खराब होने की लिखित जानकारी होने के बावजूद, अधिकारियों ने क्रूज का संचालन जारी रखा।
हादसे का परिणाम खतरनाक
चेतावनी के ठीक 60 दिन बाद वही क्रूज दुर्घटनाग्रस्त हो गया, जिसमें 13 लोग डूब गए। क्रूज का संचालन रोक दिया जाता तो यह हादसा नहीं हुआ होता। हादसे के बाद अब यह पत्र सामने आने से विभाग में हड़कंप मच गया है। यह साफ तौर पर दर्शाता है कि अगर समय रहते तकनीकी खराबी को ठीक कर लिया जाता या क्रूज का संचालन रोक दिया जाता तो यह बड़ा हादसा टाला जा सकता था।
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