NHRC ने एम्स भोपाल और पुलिस कमिश्नर को नोटिस जारी करते हुए सहायक प्राध्यापक डॉ. रश्मि वर्मा की आत्महत्या के मामले में एफआईआर और पोस्टमार्टम रिपोर्ट 15 दिनों के भीतर प्रस्तुत करने को कहा है।
भोपाल। राष्ट्रीय मानवाधिकार आयोग (NHRC) ने एम्स भोपाल और पुलिस कमिश्नर को नोटिस जारी करते हुए सहायक प्राध्यापक डॉ. रश्मि वर्मा की आत्महत्या के मामले में एफआईआर और पोस्टमार्टम रिपोर्ट 15 दिनों के भीतर प्रस्तुत करने को कहा है। साथ ही स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्रालय के सचिव को भी मामले में लगाए गए उत्पीड़न के आरोपों की जांच करने के निर्देश दिए गए हैं।
यह भी निर्देश
NHRC के नोटिस के अनुसार, प्रियंक कानूनगो की अध्यक्षता वाली पीठ ने इस मामले का संज्ञान लिया है और अधिकारियों को पिछले तीन वर्षों में प्राप्त यौन उत्पीड़न रोकथाम (PoSH) से जुड़ी शिकायतों, पीड़ितों की शिकायतों और उन पर की गई कार्रवाई की प्रतियां उपलब्ध कराने को कहा है।
मानसिक प्रताड़ना का आरोप लगाया था
डॉ. रश्मि वर्मा ने अपने आरोपों में कहा था कि उन्हें मानसिक प्रताड़ना और असहज कार्य वातावरण का सामना करना पड़ रहा था। उन्होंने तत्कालीन विभागाध्यक्ष मोहम्मद यूनुस पर उत्पीड़न का आरोप लगाया था। शिकायतों के अनुसार, डॉ. वर्मा ने एम्स के उच्च अधिकारियों को तीन बार ईमेल भेजकर शिकायत की थी, लेकिन कोई कार्रवाई नहीं की गई।
डॉ यूनुस को ट्रॉमा सेंटर से हटाया गया था
डॉ. रश्मि वर्मा ने 12 दिसंबर 2025 को आत्महत्या का प्रयास किया था और 5 जनवरी 2026 को उन्हें मृत घोषित कर दिया गया। उनकी मृत्यु के बाद डॉ. यूनुस को एम्स भोपाल के ट्रॉमा सेंटर के विभागाध्यक्ष पद से हटा दिया गया।
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