शहर के हीरानगर पुलिस थाना क्षेत्र से एक नाइजीरियाई नागरिक, डॉन पेड्रो चार्लिस को गिरफ्तार कर उसके देश वापस भेज (डिपोर्ट) दिया गया है।
इंदौर। शहर के हीरानगर पुलिस थाना क्षेत्र से एक नाइजीरियाई नागरिक, डॉन पेड्रो चार्लिस को गिरफ्तार कर उसके देश वापस भेज (डिपोर्ट) दिया गया है। पेड्रो पिछले कई सालों से भारत में रह रहा था, लेकिन उसका वीजा साल 2023 में ही खत्म हो गया था। पेड्रो का वीजा समाप्त होने के बाद भी वह अवैध रूप से इंदौर में रह रहा था। पुलिस को सूचना मिली थी कि वह अपनी एक गर्लफ्रेंड से मिलने हीरानगर इलाके में आया है, जिसके बाद पुलिस ने उसे घेराबंदी कर पकड़ लिया।
आतंकियों से बचाने भेजा था भारत
पेड्रो के अनुसार, उसके पिता ने उसे नाइजीरिया में आतंकवादियों (बोको हरम आदि) के खतरे से बचाने के लिए भारत पढ़ने भेजा था। पूछताछ में पेड्रो ने दावा किया कि उसने अपना वीजा बढ़ाने के लिए एक एजेंट को पैसे और दस्तावेज दिए थे। एजेंट ने उसे एक पीडीएफ (PDF) फाइल भेजी और कहा कि उसका वीजा बढ़ गया है, लेकिन जांच में वह दस्तावेज फर्जी पाया गया। इंदौर में पेड्रो की दो गर्लफ्रेंड्स थीं। गिरफ्तारी के बाद कानूनी प्रक्रिया पूरी की गई और उसे वापस नाइजीरिया भेज दिया गया।
पुलिस ने कागजी कार्रवाई के बाद भेजा वापस
हीरानगर पुलिस ने पेड्रो को 17 फरवरी 2026 को पकड़ा था। लगभग 10 दिनों की लंबी कागजी कार्रवाई और विदेशी क्षेत्रीय पंजीकरण कार्यालय (FRRO) से अनुमति मिलने के बाद उसे डिपोर्ट करने की प्रक्रिया पूरी हुई। वह इंदौर में एक बीपीओ (BPO) कंपनी में काम भी कर चुका था। अवैध रूप से रहने के कारण अब उसके भारत आने पर स्थायी रूप से प्रतिबंध लग सकता है।
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