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अब ऑटोमेटिक सिस्टम से कटेगी बिजली

प्रीपेड मीटर का झटका: बैलेंस भरने के बाद भी 6000 घरों की बिजली बहाल नहीं

रसोईं गैस को लेकर छिड़ी मारामारी के बीच यूपी पावर कॉर्पोरेशन ने भी प्रीपेड बिजली उपभोक्ताओं को बड़ा झटका दे दिया है।

प्रीपेड मीटर का झटका बैलेंस भरने के बाद भी 6000 घरों की बिजली बहाल नहीं

फाइल फोटो |

लखनऊ। रसोईं गैस को लेकर छिड़ी मारामारी के बीच यूपी पावर कॉर्पोरेशन ने भी प्रीपेड बिजली उपभोक्ताओं को बड़ा झटका दे दिया है। राजधानी लखनऊ में बैलेंस नहीं होने के कारण बिजली का प्रीपेड मीटर लगाने वाले करीब 6000 बकायादारों की बिजली काट दी गयी है। लेकिन अब बैलेंस भरवाने के बाद भी इन उपभोक्ताओं का कनेक्शन बहाल नहीं हो रहा है।

निगेटिव बैलेंस पर बड़ी संख्या में कटे कनेक्शन

उत्तर प्रदेश के सभी स्मार्ट प्रीपेड मीटर शुक्रवार से "गो लाइव" हो गए हैं। इसका मतलब है कि अब यदि उपभोक्ता के खाते में बैलेंस समाप्त हो जाता है, तो बिजली आपूर्ति स्वतः बंद हो जाएगी। पॉवर काॅर्पोरेशन प्रबंधन ने सभी उपभोक्ताओं से अपील किया था कि वे निगेटिव बैलेंस होने पर तुरंत रिचार्ज कर लें। इस बीच निगेटिव बैलेंस के बाद बड़ी संख्या में उपभोक्ताओं के कनेक्शन कट गये। लेकिन मुश्किल ये है कि भुगतान जमा होने के बाद भी तमाम उपभोक्ताओं के कनेक्शन समय पर नहीं जुड़ पा रहे हैं। प्रदेश में निगेटिव बैलेंस के चलते काटे गए बिजली कनेक्शन को जुड़वाने के लिए उपभोक्ता परेशान हैं।

दो घंटे में बिजली न जुड़ने पर मुआवजे का नियम

यह स्थिति तब है जबकि उप्र विद्युत नियामक आयोग का आदेश है कि अगर किसी उपभोक्ता का बैलेंस खत्म होने के बाद बिजली कट जाती है और रिचार्ज करने के बावजूद दो घंटे के भीतर बिजली सप्लाई बहाल नहीं होती, तो बिजली कंपनियों को उपभोक्ताओं को मुआवजा देना पड़ सकता है। पावर कॉर्पोरेशन के प्रस्ताव के अनुसार ऐसी स्थिति में उपभोक्ताओं को 50 रुपये प्रतिदिन के हिसाब से मुआवजा दिया जाएगा। हालांकि, बिजली विभाग में कनेक्शन कटने के बाद लेट लतीफी उपभोक्ताओं पर भारी पड़ रही है।

बिल जमा होने के बावजूद कनेक्शन जोड़ने में देरी

यूपी में विद्युत वितरण निगमों ने स्मार्ट प्रीपेड मीटर वाले उपभोक्ताओं के निगेटिव बैलेंस पर शुक्रवार को आपूर्ति ठप कर दी। शनिवार को बिल जमा होने के बाद भी तमाम उपभोक्ताओं की आपूर्ति शुरू नहीं हो पाई। इतना ही नहीं बिजली कंपनियों के एमआईएसपी ग्रुप में कई अभियंता उपभोक्ताओं की जमा बिल की रसीद पोस्ट कर उनके कनेक्शन जोड़ने का निवेदन करते नजर आए। ऐसे में उपभोक्ताओं द्वारा सवाल उठाया जा रहा है कि जब कनेक्शन अपने आप काट दिया गया है तो जोड़ा क्यों उसी तरह नहीं जा रहा है।

छोटे बकाये पर भी कट गई बिजली

कुछ उपभोक्ताओं का कहना है कि उनका बकाया ₹500 से भी कम था, फिर भी बिजली कट गयी। कुछ ग्राहकों की समस्या जायज़ थी। लोगों ने कहा - हम कुछ परेशानी की वजह से बिल समय से नहीं जमा कर पाये थे तो प्रीपेड मीटर की बिजली बहुत तेजी के साथ काट दी गयी। जिस तेजी से हमने बिल जमा किया, सप्लाई शुरू होने में काफी वख्त लग गया। ऐसे में आम ग्राहकों का कहना है कि एक तरफ LPG गैस को लेकर परिवार में तनाव है दूसरी तरफ गर्मी में प्री पेड मीटर का बैलेंस अचानक खत्म हो गया। और समय से री चार्ज के समय सर्वर धोखा दे गया, तो ग्राहक क्या करे? 

किस्त में भुगतान की मिले सुविधा : उपभोक्ता परिषद

राज्य विद्युत उपभोक्ता परिषद के अध्यक्ष अवधेश कुमार वर्मा ने मांग की है कि निगेटिव बैलेंस के कारण जिन उपभोक्ताओं की बिजली आपूर्ति ठप कर दी गई है, उन्हें बिल भुगतान के लिए आसान किस्तों की सुविधा प्रदान की जाए। परिषद अध्यक्ष ने इस संबंध में पॉवर कॉर्पोरेशन के प्रबंध निदेशक पंकज कुमार से भी बातचीत की है। उन्होंने कहा कि 17 मार्च को होने वाली मध्यांचल विद्युत वितरणा निगम की जनसुनवाई में भी नियामक आयोग के समक्ष स्मार्ट प्रीपेड मीटर कनेक्शन का मामला उठाया जाएगा।

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