सागर। जिले में भ्रष्टाचार के खिलाफ एक बड़ी कार्रवाई करते हुए लोकायुक्त पुलिस ने वन विभाग के एक रेंजर और लिपिक (clerk) को रंगे हाथों गिरफ्तार किया है।
सागर। जिले में भ्रष्टाचार के खिलाफ एक बड़ी कार्रवाई करते हुए लोकायुक्त पुलिस ने वन विभाग के एक रेंजर और लिपिक (clerk) को रंगे हाथों गिरफ्तार किया है। इन दोनों अधिकारियों पर पेड़ कटाई और लकड़ी के परिवहन की अनुमति देने के बदले रिश्वत मांगने का आरोप है।
उत्तर वनमंडल के बंडा वन परिक्षेत्र की घटना
यह पूरा मामला सागर के उत्तर वनमंडल के अंतर्गत आने वाले बंडा वन परिक्षेत्र का है। शिकायतकर्ता विजय सिंह ने अपने खेत से पेड़ों की कटाई और उन लकड़ियों के परिवहन के लिए स्थानीय वन विभाग से आधिकारिक अनुमति मांगी थी।
रेंजर व लिपिक ने मांगी 1 लाख की रिश्वत
आरोप है कि अनुमति देने के नाम पर बंडा वन परिक्षेत्र के रेंजर विकास सेठ और कार्यालय के लिपिक जयप्रकाश तिवारी ने विजय सिंह से 1 लाख रुपये की रिश्वत की मांग की। भ्रष्टाचार से परेशान होकर विजय सिंह ने इसकी शिकायत सागर लोकायुक्त कार्यालय में कर दी।
साक्ष्य मिले तो लोकायुक्त मे बिछाया जाल
शिकायत की पुष्टि के लिए लोकायुक्त टीम ने रेंजर और लिपिक द्वारा रिश्वत मांगे जाने की बातचीत को रिकॉर्ड किया। साक्ष्य मिलने के बाद, सोमवार (13 अप्रैल) को जाल बिछाया गया। जैसे ही रेंजर कार्यालय में विजय सिंह ने रिश्वत की राशि अधिकारियों को सौंपी, पहले से तैयार लोकायुक्त की टीम ने रेंजर विकास सेठ और लिपिक जयप्रकाश तिवारी को ₹50,000 लेते हुए रंगे हाथों दबोच लिया।
भ्रष्टाचार उन्मूलन अधिनियम के तहत मामला दर्ज
लोकायुक्त पुलिस ने दोनों आरोपियों के खिलाफ भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम के तहत मामला दर्ज कर लिया है। फिलहाल मामले की आगे की जांच जारी है और विभाग के अन्य दस्तावेजों की भी पड़ताल की जा रही है।
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