कोलकाता। Election Commission of India ने पश्चिम बंगाल में फर्जी वोट रोकने और कड़ी सुरक्षा के लिए सख्त निर्देश जारी किए हैं। बूथों पर वोटरों के वोटर स्लिप की विशेष जांच होगी।
कोलकाता। Election Commission of India ने पश्चिम बंगाल में फर्जी वोट रोकने और कड़ी सुरक्षा के लिए सख्त निर्देश जारी किए हैं। बूथों पर वोटरों के वोटर स्लिप की विशेष जांच होगी। बूथों के चारों ओर 100 मीटर या 200 मीटर के घेरे में केवल वोटर ही प्रवेश कर सकते हैं। अत्यंत संवेदनशील बूथों पर केवल केंद्रीय बल की तैनाती रहेगी। इस राज्य में 23 अप्रैल को प्रथम चरण में 16 जिलों में 152 विधानसभा सीटों पर चुनाव होंगे।
वोटर स्लिप अनिवार्य, बिना स्लिप पर देनी होगी सफाई
सूत्रों के मुताबिक वोटर के लिए बीएलओ द्वारा दिया गया स्लिप अनिवार्य होगा। कोई वोटर बिना स्लिप के वोट देने जाता है तो उसे वोटर होने का प्रमाण देना होगा और यह भी बताना होगा कि बीएलओ से स्लिप क्यों नहीं प्राप्त हुआ। बीएलओ यानी बूथ स्तरीय अधिकारी घर-घर जाकर वोटरों को स्लिप देंगे।
संवेदनशील बूथों पर खास निगरानी
सूत्रों के अनुसार चुनाव आयोग ने क्षेत्रीय आकलन और खुफिया जानकारी के आधार पर अत्यंत संवेदनशील बूथ निर्धारित किए हैं। इन बूथों पर केवल केंद्रीय बल की तैनाती रहेगी।
हिंसा प्रभावित इलाकों पर विशेष फोकस
जिन इलाकों में पहले ज्यादा हिंसा की घटनाएं हुई हैं, चुनाव आयोग के खिलाफ विरोध प्रदर्शन हुए हैं या चुनाव अधिकारियों को परेशानी हुई है, वहां अत्यंत संवेदनशील बूथों की संख्या अधिक रखी गई है।
थानों को सख्त निर्देश, लापरवाही पर कार्रवाई
राज्य के मुख्य चुनाव अधिकारी की ओर से सभी थानों के अधिकारियों को निर्देश दिया गया है कि उनके क्षेत्र में चुनाव को प्रभावित करने वाली कोई भी घटना होती है तो संबंधित थाने के अधिकारी जिम्मेदार होंगे। रोकथाम में कोताही होने पर तत्काल कार्रवाई होगी और निलंबन तक किया जा सकता है।
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