सुप्रीम कोर्ट ने धार की भोजशाला-सरस्वती मंदिर/कमाल मौला मस्जिद विवाद में अहम आदेश देते हुए स्पष्ट कर दिया है कि इस मामले का अंतिम निर्णय अब इंदौर हाई कोर्ट ही करेगा।
भास्कर न्यूज | इंदौर सुप्रीम कोर्ट ने धार की भोजशाला-सरस्वती मंदिर/कमाल मौला मस्जिद विवाद में अहम आदेश देते हुए स्पष्ट कर दिया है कि इस मामले का अंतिम निर्णय अब इंदौर हाई कोर्ट ही करेगा। मुख्य न्यायाधीश सूर्यकांत की अध्यक्षता वाली पीठ ने कहा कि भारतीय पुरातत्व सर्वेक्षण (एएसआई) की सर्वे रिपोर्ट और उस पर उठाई गई आपत्तियों पर हाई कोर्ट को ही फैसला लेना है।
सुप्रीम कोर्ट सीधे हस्तक्षेप नहीं करेगा
सुप्रीम कोर्ट ने साफ किया कि वह इस मामले में सीधे हस्तक्षेप नहीं करेगा। वीडियोग्राफी और सर्वे रिपोर्ट से जुड़ी सभी आपत्तियों की सुनवाई मध्य प्रदेश हाई कोर्ट की इंदौर पीठ द्वारा की जाएगी। जस्टिस सूर्यकांत ने विश्वास जताया कि हाई कोर्ट 'प्राकृतिक न्याय' के सिद्धांतों का पालन करते हुए सभी पक्षों की दलीलें और आपत्तियां सुनेगा।
हाईकोर्ट में 2 अप्रैल को होगी सुनवाई
हाई कोर्ट में इस मामले की अगली सुनवाई आज (2 अप्रैल, 2026) निर्धारित है, जिसमें एएसआई द्वारा पेश की गई वैज्ञानिक सर्वे रिपोर्ट पर चर्चा संभव है। फिलहाल परिसर में 2003 से चली आ रही व्यवस्था (मंगलवार को पूजा और शुक्रवार को नमाज) के संबंध में यथास्थिति बनाए रखने के निर्देश हैं।
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