ग्वालियर। मध्य प्रदेश की विजयपुर विधानसभा सीट को लेकर चल रहे कानूनी विवाद में गुरुवार...
ग्वालियर। मध्य प्रदेश की विजयपुर विधानसभा सीट को लेकर चल रहे कानूनी विवाद में गुरुवार, 19 मार्च को सुप्रीम कोर्ट ने एक महत्वपूर्ण फैसला सुनाया है। कोर्ट ने ग्वालियर हाई कोर्ट के उस आदेश को खारिज कर दिया है, जिसमें कांग्रेस विधायक मुकेश मल्होत्रा का निर्वाचन शून्य घोषित किया गया था।
विधायकी रहेगी बरकरार
सुप्रीम कोर्ट ने मुकेश मल्होत्रा की सदस्यता को बहाल रखते हुए उन्हें राहत दी है। अब वे विजयपुर के विधायक बने रहेंगे। इससे पहले मध्य प्रदेश हाई कोर्ट (ग्वालियर खंडपीठ) ने मुकेश मल्होत्रा पर चुनावी हलफनामे में जानकारी छिपाने के आरोप में उनका चुनाव रद्द कर दिया था और उनके प्रतिद्वंद्वी रामनिवास रावत को विधायक घोषित कर दिया था।
कुछ कड़े प्रतिबंध भी, वोटिंग और सैलरी पर पाबंदी
हालांकि कोर्ट ने उन्हें विधायक पद पर बनाए रखा है, लेकिन कुछ कड़े प्रतिबंध भी लगाए हैं। मुकेश मल्होत्रा राज्यसभा चुनाव में वोट नहीं डाल पाएंगे और उन्हें विधायक के तौर पर मिलने वाली सैलरी (वेतन) भी नहीं मिलेगी।
यह था पूरा मामला
भाजपा नेता और पूर्व मंत्री रामनिवास रावत ने हाई कोर्ट में एक याचिका दायर की थी। इसमें आरोप लगाया गया था कि मुकेश मल्होत्रा ने चुनाव के दौरान अपने हलफनामे में आपराधिक मामलों की जानकारी छिपाई थी। हाईकोर्ट ने इन आरोपों को सही मानते हुए मल्होत्रा का चुनाव रद्द कर दिया था, जिसे अब सुप्रीम कोर्ट ने बदल दिया है। सुप्रीम कोर्ट के इस फैसले से कांग्रेस ने अपनी सीट बचा ली है, लेकिन मल्होत्रा के अधिकारों पर लगी पाबंदियां अभी बरकरार रहेंगी।
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