जबलपुर। मध्य प्रदेश में लंबे समय से लंबित 27 प्रतिशत ओबीसी आरक्षण के मामले में सुप्रीम कोर्ट ने एक महत्वपूर्ण कदम उठाया है।
जबलपुर। मध्य प्रदेश में लंबे समय से लंबित 27 प्रतिशत ओबीसी आरक्षण के मामले में सुप्रीम कोर्ट ने एक महत्वपूर्ण कदम उठाया है। न्यायालय ने अपने पूर्व के आदेश में संशोधन किया है, जिससे अब इस पूरे विवाद पर अंतिम बहस का रास्ता साफ होता दिख रहा है। सुप्रीम कोर्ट ने सोमवार, 30 मार्च 2026 को अपनी आधिकारिक वेबसाइट पर इस आदेश को अपलोड किया है।
फैसले की अहम बातें
सुप्रीम कोर्ट ने दो पुराने मामलों को 'रिकॉल' (वापस लेना या संशोधित करना) किया है। आरक्षण से संबंधित 52 अलग-अलग मामलों को अब मध्य प्रदेश हाई कोर्ट वापस भेज दिया गया है। इसका अर्थ है कि अब 27 प्रतिशत ओबीसी आरक्षण के कानूनी पक्ष पर अंतिम बहस मध्य प्रदेश हाई कोर्ट में ही शुरू होगी।
13 फीसदी होल्ड पर होगी सुनवाई
मध्य प्रदेश में फिलहाल 14% आरक्षण लागू है, जबकि शेष 13% आरक्षण को होल्ड (रोक) पर रखा गया है। इस होल्ड किए गए आरक्षण के भविष्य को लेकर सुप्रीम कोर्ट में अप्रैल के पहले हफ्ते में अहम सुनवाई निर्धारित की गई है।
यह है पूरा विवाद
मध्य प्रदेश सरकार ने ओबीसी आरक्षण को 14 प्रतिशत से बढ़ाकर 27 प्रतिशत करने का निर्णय लिया था। इस फैसले को विभिन्न याचिकाओं के माध्यम से कोर्ट में चुनौती दी गई थी। सुप्रीम कोर्ट के इस ताजा रुख से अब हाई कोर्ट में इन सभी याचिकाओं पर एक साथ सुनवाई हो सकेगी, जिससे सरकारी भर्तियों और नियुक्तियों में फंसे आरक्षण के पेंच के सुलझने की उम्मीद जगी है।
सरकारी भर्ती परीक्षा पर पड़ेगा असर
इस फैसले का सीधा असर मध्य प्रदेश लोक सेवा आयोग (MPPSC) और अन्य सरकारी भर्ती परीक्षाओं के उन अभ्यर्थियों पर पड़ेगा, जिनके परिणाम या नियुक्तियां 13 प्रतिशत आरक्षण के पेंच के कारण लंबे समय से रुकी हुई हैं।
यह भी पढ़े: मध्य प्रदेश में नशा अभियान शुरू
https://www.primenewsnetwork.in/state/mp-launches-crackdown-on-drugs-from-april-1/153228