MP News : छतरपुर। अंतरराष्ट्रीय महिला क्रिकेटर क्रांति गौर और उनके परिवार के लिए ये दो दिन बेहद खास रहे। इन दो दिनों में जहां क्रांति ने अपनी ड्रीम कार महिंद्रा थार..
MP News : छतरपुर। अंतरराष्ट्रीय महिला क्रिकेटर क्रांति गौर और उनके परिवार के लिए ये दो दिन बेहद खास रहे। इन दो दिनों में जहां क्रांति ने अपनी ड्रीम कार महिंद्रा थार खरीदी, वहीं उनके पिता मुन्नालाल गौर करीब 14 साल बाद पुलिस सेवा में वापस लौटे। क्रांति ने बताया कि थार उनका लंबे समय से सपना था और अब उनका अगला लक्ष्य बीएमडब्ल्यू कार खरीदना है।
मुन्नालाल को किया गया था निलंबित
इसी दिन मुन्नालाल गौर ने छतरपुर पुलिस लाइन में ड्यूटी जॉइन की। उन्हें वर्ष 2012 में निलंबित किया गया था और हाल ही में बहाल किया गया है। छतरपुर के एएसपी आईपीएस आदित्य पाटले ने उनकी वापसी की पुष्टि करते हुए बताया कि उनकी नई पदस्थापना एसपी द्वारा तय की जाएगी। क्रांति ने मुख्यमंत्री का आभार जताते हुए कहा कि विश्व कप जीतकर लौटने के बाद उन्होंने मुख्यमंत्री से अपने पिता की नौकरी के बारे में बात की थी, जिसके बाद उन्हें फिर से सेवा में लिया गया।
क्रांति ने सीएम को कहा, धन्यवाद
क्रांति गौर ने अपने पिता की बहाली के लिए मुख्यमंत्री को धन्यवाद देते हुए कहा, “विश्व कप जीतकर लौटने के बाद मैंने मुख्यमंत्री सर से अपने पापा की नौकरी के बारे में बात की थी। बहुत जल्दी उन्हें फिर से नौकरी मिल गई और उन्होंने छतरपुर पुलिस लाइन में जॉइन भी कर लिया।”
युवा खिलाड़ियों को प्रेरित किया
उन्होंने कहा, “जैसे मैंने बुंदेलखंड और मध्य प्रदेश का नाम रोशन किया है, वैसे ही मैं चाहती हूं कि यहां से और भी लड़के-लड़कियां आगे आएं और देश का नाम ऊंचा करें। यह बात मैं सिर्फ क्रिकेट के लिए नहीं, बल्कि हर खेल के लिए कह रही हूं। जो भी करें, पूरी मेहनत और समर्पण से करें।” मुख्यमंत्री के आश्वासन के बाद क्रांति के पिता मुन्नालाल गौर को दोबारा नौकरी पर जॉइन कराया गया।
मेहनत औऱ जुनून के बल पर पाया महत्वपूर्ण स्थान
छतरपुर जिले के घुरवारा गांव की रहने वाली 22 वर्षीय तेज गेंदबाज क्रांति गौर ने अपनी मेहनत और जुनून के दम पर भारतीय महिला क्रिकेट टीम में महत्वपूर्ण स्थान बनाया है। क्रांति का जन्म 11 अगस्त 2003 को हुआ था। बचपन में वह टेनिस बॉल क्रिकेट खेलती थीं और मैदान में “बॉल बॉय” के रूप में भी काम करती थीं। ग्रामीण पिचों पर खेलते हुए उन्होंने तेज और स्विंग गेंदबाजी में महारत हासिल की। शुरुआती दिनों में संसाधनों और कोचिंग की कमी थी, लेकिन कोच राजीव बिल्थरे ने उन्हें मुफ्त प्रशिक्षण, जर्सी और जूते उपलब्ध कराए।
इंग्लैड दौरे से शुरू किया अंतरराष्ट्रीय खेल में पदार्पण
मध्य प्रदेश सीनियर महिला टीम के लिए खेलते हुए उन्होंने 2024-25 सत्र की वनडे चैंपियनशिप के फाइनल में 4 विकेट देकर 25 रन की शानदार गेंदबाजी की। इसके बाद उन्हें WPL 2025 में यूपी वॉरियर्स ने खरीदा। मई 2025 में उन्होंने श्रीलंका के खिलाफ वनडे डेब्यू और इंग्लैंड दौरे पर टी20 अंतरराष्ट्रीय पदार्पण किया।
इंग्लैंड के खिलाफ तीसरे वनडे में उनका 6 विकेट देकर 52 रन का प्रदर्शन करियर का यादगार पल रहा। उन्होंने आईसीसी महिला विश्व कप 2025 में भारत की पहली जीत में अहम भूमिका निभाई और पाकिस्तान के खिलाफ 3 विकेट लेकर ‘प्लेयर ऑफ द मैच’ भी बनीं।
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