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इंदौर में वंदे मातरम् विवाद पर FIR

वंदे मातरम् विवाद कानूनी जंग तक पहुंचा, इंदौर में दो कांग्रेस पार्षदों पर FIR दर्ज

नगर निगम में राष्ट्रगीत 'वंदे मातरम्' को लेकर उपजा विवाद अब कानूनी कार्रवाई तक पहुँच गया है। पुलिस ने कांग्रेस की दो महिला पार्षदों, फौजिया शेख अलीम और रुबीना इकबाल खान के खिलाफ मामला दर्ज किया है।

वंदे मातरम् विवाद कानूनी जंग तक पहुंचा इंदौर में दो कांग्रेस पार्षदों पर fir दर्ज

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इंदौर। नगर निगम में राष्ट्रगीत 'वंदे मातरम्' को लेकर उपजा विवाद अब कानूनी कार्रवाई तक पहुँच गया है। पुलिस ने कांग्रेस की दो महिला पार्षदों, फौजिया शेख अलीम और रुबीना इकबाल खान के खिलाफ मामला दर्ज किया है। मालूम हो कि विवाद की शुरुआत 8 अप्रैल 2026 को इंदौर नगर निगम के बजट सत्र के दौरान हुई थी।

​कांग्रेस पार्षद पर यह आरोप

सदन में राष्ट्रगीत 'वंदे मातरम्' गाए जाने के दौरान इन दोनों पार्षदों ने गाने से इनकार कर दिया था। आरोप है कि इस दौरान उन्होंने न केवल गीत का अपमान किया, बल्कि विवादित बयानबाजी भी की जिससे सांप्रदायिक सद्भाव बिगड़ सकता था। शहर के एमजी रोड (MG Road) पुलिस ने लंबी जांच और पूछताछ के बाद बुधवार, 15 अप्रैल को दोनों पार्षदों के खिलाफ FIR दर्ज की।

सद्भाव बिगाड़ने का केस दर्ज

पुलिस ने भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा 196 (विभिन्न समुदायों के बीच सद्भाव बिगाड़ने वाले कृत्य) के तहत केस दर्ज किया है।

​दोनों पार्षदों से पुलिस ने की पूछताछ

एफआईआर दर्ज करने से पहले पुलिस ने दोनों पार्षदों को थाने बुलाकर घंटों पूछताछ की थी। फौजिया शेख और रुबीना खान से अलग-अलग करीब 4 से 5 घंटे तक सवाल-जवाब किए गए और उनके बयान दर्ज किए गए।

पार्षद ने दिया धार्मिक भावना आहत होने का हवाला

फौजिया शेख अलीम ने अपनी धार्मिक मान्यताओं का हवाला देते हुए गीत गाने से मना किया था। वहीं, रुबीना खान ने भी उनका समर्थन किया। हालांकि, बाद में रुबीना ने यह भी स्पष्ट किया कि उनका मकसद किसी का अपमान करना नहीं था और उन्होंने घटना पर खेद भी जताया था।

मुख्यमंत्री ने व्यक्त की तीखी प्रतिक्रिया

​राजनीतिक घमासान: इस घटना के बाद सदन में भाजपा पार्षदों ने जमकर हंगामा किया था। मामले की गंभीरता को देखते हुए मुख्यमंत्री मोहन यादव ने भी इस पर तीखी प्रतिक्रिया दी थी। भाजपा पार्षद कमल बघेला की शिकायत पर पुलिस ने यह कार्रवाई की है। इंदौर पुलिस अब सदन की वीडियो फुटेज और दर्ज बयानों के आधार पर मामले की विस्तृत जांच कर रही है। कानून के मुताबिक, इन धाराओं में दोषी पाए जाने पर सजा का प्रावधान है।

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