MP News : इंदौर। एआई की मदद से यहां हॉस्टल में पढ़ने वाले बच्चों के मोबाइल और लैपटाप चोरी होने का मामला सामने आया है।
MP News : इंदौर। एआई की मदद से यहां हॉस्टल में पढ़ने वाले बच्चों के मोबाइल और लैपटाप चोरी होने का मामला सामने आया है। शिकायत मिलने पर पुलिस ने एक बड़े गिरोह का भंडाफोड़ किया है। जांच की गई तो पता चला कि आरोपी गूगल मैप से हॉस्टल की लोकेशन पता करते थे। साथ ही आने और निकलने की भी जानकारी लेते थे। भाषा समझने में दिक्कत होती थी तो गूगल जैमिनी का प्रयोग करते थे।
तीनों आरोपी रोज महू से इंदौर आते और हॉस्टल में चोरी करते और वापस महू चले जाते थे। पुलिस ने उनके पास से मोबाइल, लैपटाप व टैबलेट बरामद किए हैं। इसकी कीमत करीब 25 लाख है। डीसीपी आनंद कलादगी ने बताया कि भंवरकुआं इलाके में लगातार चोरी की घटना सामने आ रही थी।
इस पर पुलिस सक्रिय हुई। शुक्रवार रात जांच के दौरान संदेह के आधार पर एक व्यक्ति को पकड़ा गया। उससे पूछताछ की गई तो बताया कि वह इंदौर के हॉस्टल में चोरी करता है। संदिग्ध की निशानदेही पर पुलिस ने उसके दो अन्य साथी को महू के अंबेडकर नगर से गिरफ्तार किया। तीनों आरोपी तमिलनाडू के वेलूर जिले के निवासी हैं। ये तीनों मुथीयानथन पिता गोपाल, मगेंद्र पिता वेंकटरमन और दीपक पिता विश्वकर्मा हैं।
मोबाइल, लैपटॉप और टैबलेट चुरा लेते हैं..
आरोपी ने तकनीक का गलत प्रयोग कर गूगल मैप से शहर के हॉस्टल की पहचान करते, उसका लोकेशन और आसपास की जानकारी जुटाते थे। तमिल भाषा में निर्देश और स्थानीय जानकारी लेने के लिए गूगल जैमिनी का प्रयोग करते थे। आरोपी हाईटेक तकनीक से हॉस्टल का पता करते थे. रेकी करते और मौका मिलते ही अंदर घुसकर वारदात को अंजाम देकर मोबाइल, लैपटॉप और टैबलेट चुरा लेते थे।
पूछताछ में आरोपी ने बताया कि इंदौर में सामान की चोरी कर तमिलनाडु में उसे बेचने की योजना पर काम कर रहे थे। छानबीन में पता चला कि आरोपी प्रतिदिन सुबह महू से ट्रेन पकड़कर इंदौर आते थे, वारदात को अंजाम देते और शाम को वापस महू से लौट जाते थे। इससे वे संदेह के घेरे से बाहर रहते और आरोपियों ने कई चोरी की वारदात को अंजाम दिया है।
तीनों आरोपियों पर भंवरकुआं थाने में दो, विजय नगर थाने में एक और वाणगंगा थाने में एक एफआईआर दर्ज हुई है। सभी मामले में लैपटाप, टैबलेट व मोबाइल चोरी की शिकायत हुई थी। पुलिस ने आरोपी के पास से 18 मोबाइल, 10 लैपटाप और 1 टैबलेट बरामद किया है। इनकी कीमत 25 लाख है। पुलिस को शक है कि गिरोह ने शहर में और भी वारदात को अंजाम दिया है। इसकी जांच की जा रही है। पुलिस उनके नेटवर्क, पुराने केस और तमिलनाडु में जुड़े लोगों के बारे में जानकारी जुटा रही है।
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