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सेवानिवृत्त होने के 17 महीने बाद तक...

सेवानिवृत्त होने के 17 महीने बाद तक काम किया, प्यून से मांगी 2.87 लाख रुपये की रिकवरी

झाबुआ। जिले से एक बेहद हैरान करने वाला और प्रशासनिक लापरवाही का मामला सामने आया है...

सेवानिवृत्त होने के 17 महीने बाद तक काम किया प्यून से मांगी 287 लाख रुपये की रिकवरी

सेवानिवृत्त होने के 17 महीने बाद तक काम किया, प्यून से मांगी 2.87 लाख रुपये की रिकवरी |

झाबुआ। जिले से एक बेहद हैरान करने वाला और प्रशासनिक लापरवाही का मामला सामने आया है। यहाँ एक सरकारी प्यून (चतुर्थ श्रेणी कर्मचारी) को विभाग की गलती के कारण रिटायरमेंट की सूचना समय पर नहीं दी गई। जिसके चलते वह सेवामुक्त होने के बाद भी 17 महीने तक अपनी ड्यूटी करती रही। अब प्रशासन उस पर उन 17 महीनों की सैलरी के रूप में 2.87 लाख रुपये वापस करने का दबाव बना रहा है।

​यह है पूरा मामला

​महिला कर्मचारी, जिसका नाम गीता है और जो पांचवीं तक पढ़ी-लिखी हैं, उन्हें उनके रिटायरमेंट के संबंध में विभाग से कोई भी औपचारिक आदेश या सूचना प्राप्त नहीं हुई थी। इसे विभाग की बड़ी चूक मानते हुए, महिला ने रिटायरमेंट की जानकारी न होने के कारण लगातार अपनी सेवाएं देना जारी रखा।

​पीड़ित क्या कहती है?

​झाबुआ कलेक्टर कार्यालय में आयोजित 'जनसुनवाई' के दौरान गीता ने अपनी फरियाद लगाई। उन्होंने अधिकारियों को बताया उन्हें नियमों की जानकारी नहीं थी और विभाग की तरफ से रिटायरमेंट का कोई आदेश नहीं मिला था, इसलिए वह काम करती रहीं। अपनी कमजोर आर्थिक स्थिति का हवाला देते हुए उन्होंने कहा कि उनके लिए 2.87 लाख रुपये की राशि वापस करना असंभव है।

​प्रशासन का रूख सकारात्मक

​इस मामले को गंभीरता से लेते हुए कलेक्टर ने त्वरित जांच के निर्देश दिए हैं। प्रशासन का रुख सकारात्मक है और उन्होंने आश्वासन दिया है कि पूरे मामले की गहन जांच की जाएगी। ​यदि जांच में अकाउंटेंट या संबंधित अधिकारी दोषी पाए जाते हैं तो राशि की रिकवरी महिला कर्मचारी से न करके संबंधित दोषी अधिकारियों/कर्मचारियों से की जाएगी। अब सभी की निगाहें जांच रिपोर्ट पर टिकी हैं।

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