उत्तर प्रदेश में योगी मंत्रिमंडल के विस्तार को पांच दिन बीत जाने के बावजूद अभी तक मंत्रियों के बीच विभागों का बंटवारा नहीं हो सका है।
लखनऊ। उत्तर प्रदेश में योगी मंत्रिमंडल के विस्तार को पांच दिन बीत जाने के बावजूद अभी तक मंत्रियों के बीच विभागों का बंटवारा नहीं हो सका है। योगी कैबिनेट के नये और पुराने मंत्रियों में मलाईदार विभागों के लिए खेमेबंदी तेज हो गयी है। इस बीच नये बने मंत्रियों और कुछ पुराने मंत्रियों की मलाईदार और अच्छे विभाग की चाहत में राज्य की राजधानी से लेकर दिल्ली तक की दौड़ तेज हो गयी है।
सीएम योगी का दिल्ली दौरा और अहम मुलाकात
यूपी के सीएम योगी आदित्यनाथ गुरूवार को अचानक दिल्ली पहुंचकर गृहमंत्री अमित शाह और भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नवीन से मुलाकात की थी। सीएम योगी के दिल्ली दौरे को नवनियुक्त मंत्रियों के बीच मंत्रालयों के बंटवारे के साथ ही प्रदेश भाजपा संगठन में संभावित बदलाव से जोड़कर देखा जा रहा है। राज्य सरकार के सूत्रों ने इसे शिष्टाचार भेंट बताया है। लेकिन सीएम के दिल्ली दौरे के बाद विभागों के बंटवारे को लेकर अटकलबाज़ियां तेज हो गयी हैं।
मंत्रिमंडल विस्तार के बाद भी विभागों पर सस्पेंस
मालूम हो कि 10 मई को ही प्रदेश में मंत्रिमंडल का विस्तार हुआ था, लेकिन अभी तक सहमति न बन पाने की वजह से मंत्रियों के बीच विभागों का बंटवारा नहीं हो सका है। योगी कैबिनेट विस्तार में कुल आठ नेताओं को शामिल किया गया है। इनमें दो कैबिनेट मंत्री, दो स्वतंत्र प्रभार राज्य मंत्री और चार राज्य मंत्री बनाए गए हैं। पूर्व भाजपा प्रदेश अध्यक्ष भूपेंद्र चौधरी और मनोज पांडेय को कैबिनेट मंत्री बनाया गया है। वहीं अजीत पाल सिंह और सोमेंद्र तोमर को स्वतंत्र प्रभार राज्य मंत्री के रूप में प्रमोशन मिला है। इसके अलावा कृष्णा पासवान, सुरेंद्र दिलेर, हंसराज विश्वकर्मा और कैलाश सिंह राजपूत को राज्य मंत्री बनाया गया है, लेकिन अभी तक किसी को विभाग नहीं सौंपा गया है।
मलाईदार विभागों को लेकर बढ़ी खींचतान
सूत्रों के मुताबिक नये बने मंत्री और कुछ पुराने मंत्री मलाईदार और अच्छे विभाग को लेकर राज्य की राजधानी से लेकर दिल्ली तक की गणेश परिक्रमा लगा रहे हैं। सबकी नजरें पीडब्ल्यूडी जैसे महत्वपूर्ण विभागों पर लगी हैं। पर अभी तक विभागों के बंटवारे को लेकर पार्टी में आम राय नहीं बन सकी है। समझा जाता है कि इस मुद्दे पर सहमति बनाने के लिए ही मुख्यमंत्री को दिल्ली बुलाया गया था। अब इसे लेकर राज्य में अटकलबाज़ियों का दौर जारी है।
दिल्ली में शीर्ष नेतृत्व से गहन चर्चा
सूत्रों के मुताबिक अमित शाह के साथ ही यह सीएम योगी के बीच राज्य में विभागों के बंटवारे और प्रदेश भाजपा संगठन में पदाधिकारियों की नियुक्तियों को लेकर गहन मंत्रणा हुई है। सीएम ने अमित शाह के साथ ही भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नवीन के साथ भी इन मुद्दों पर विचार-विमर्श किया है। इस मुलाकातों के बाद माना जा रहा है कि यूपी में जल्द मंत्रियों के बीच विभागों का बंटवारा हो सकता है।
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