पहलगाम आतंकी हमले की पहली बरसी की पूर्व संध्या पर मानवाधिकार कार्यकर्ता आरिफ आजकिया ने आतंकवाद, पाकिस्तान की भूमिका को लेकर तीखे विचार साझा किए हैं।
लंदन (यूके)। पहलगाम आतंकी हमले की पहली बरसी कल यानी गुरुवार को पड़ रही है। इसकी पूर्व संध्या पर मानवाधिकार कार्यकर्ता आरिफ आजकिया ने आतंकवाद, पाकिस्तान की भूमिका और विश्वस्तर पर उसकी प्रतिक्रिया पर तीखे विचार साझा किए हैं।
हमले को बताया धर्म आधारित डरावनी साजिश
पहलगाम हमले की बरसी की पूर्व संध्या पर अपने विचार व्यक्त करते हुए आजकिया ने आरोप लगाया कि पाकिस्तान बिना किसी भय के भारत पर हमले कर रहा है, उसे लगता है भारत जवाब नहीं देगा। हमले की प्रकृति पर चर्चा करते हुए उन्होंने कहा-'यह दहशत फैलाने वाला डरावना आतंकवादी घटना है। इसमें धर्म के नाम पर हत्याएं की गईं। उन्होंने दावा किया कि पीड़ित की पहचान उनके धार्मिक विश्वासों के आधार पर की गई।
भारत की सख्त प्रतिक्रिया का किया जिक्र
आजकिया ने पिछले साल के भारत के जवाब का उल्लेख करते हुए कहा- 'भारत ने स्पष्ट संदेश दिया कि वह आगे कोई आतंकवादी वारदात बर्दाश्त नहीं करेगा। पूरे सालभर कोई बड़ी वारदात नहीं हुई। ऑपरेशन 'सिंदूर' स्थाई रूप से नहीं रुका है, बल्कि उसमें ठहराव आया है। अगर फिर तनाव बढ़ता है तो यह फिर शुरू हो जाएगा।
पाकिस्तान और आतंकी संगठनों पर गंभीर आरोप
पाकिस्तान के इस कथन पर कि उसने आतंकवादी समूहों पर कार्रवाई की है, आजकिया ने इस पर कड़े शब्दों में असहमति जताई। उन्होंने कहा कि पाकिस्तान में सक्रिय आतंकवादी समूह कहते हैं कि खुद पाकिस्तान ने ही उनका गठन किया है। तहरीक ए तालिबान की चर्चा करते हुए आजकिया ने बताया है कि इस टीटीपी का गठन आईएसआई ने किया है। उनका आरोप है कि सभी बड़े तालिबानी नेता आईएसआई की छत्रछाया में पाकिस्तान में ही छिपे हैं।
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