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अमेरिकी चुनौतियों के बावजूद भारत का निर्यात...

अमेरिकी चुनौतियों के बावजूद भारत का निर्यात बढ़ा

नई दिल्ली। मिडिल ईस्ट में जारी तनाव और अमेरिकी अमेरिकी टैरिफ चुनौतियों के बावजूद भारत ने वित्त वर्ष...

अमेरिकी चुनौतियों के बावजूद भारत का निर्यात बढ़ा

अमेरिकी चुनौतियों के बावजूद भारत का निर्यात बढ़ा |

नई दिल्ली। मिडिल ईस्ट में जारी तनाव और अमेरिकी अमेरिकी टैरिफ चुनौतियों के बावजूद भारत ने वित्त वर्ष 2025-26 में निर्यात के मोर्चे पर नयी उपलब्धि हासिल की है। वस्तुओं और सेवाओं का कुल निर्यात पहली बार 860 अरब डॉलर के पार पहुंच गया, जो देश की वैश्विक व्यापार में बढ़ती हिस्सेदारी को दर्शाता है।

वाणिज्य एवं उद्योग मंत्रालय के आंकड़ों के अनुसार, अप्रैल से मार्च 2025-26 के दौरान कुल निर्यात 860.09 अरब डॉलर रहा, जो पिछले वित्त वर्ष के 825.26 अरब डॉलर के मुकाबले 4.22 फीसदी अधिक है।

समीक्षा अवधि के दौरान वस्तु निर्यात में भी हल्की लेकिन के सकारात्मक वृद्धि दर्ज की गई। यह जैसी 2024-25 के 437.70 अरब डॉलर से बढ़कर 2025-26 में 441.78 अरब डॉलर हो गया। मार्च 2026 में वस्तु निर्यात 38.92 अरब डॉलर रहा, जो पूरे वित्त वर्ष का सबसे ऊंचा मासिक स्तर है। फरवरी में यह 36.61 अरब डॉलर था। वहीं, आयात 6.51 फीसदी घटकर फरवरी के 63.71 अरब डॉलर के मुकाबले 59.59 अरब डॉलर हो गया। इसके चलते व्यापार घाटा कम होकर 20.67 अरब डॉलर रह गया।

गैर-पेट्रोलियम और गैर-रत्न एवं आभूषण निर्यात 359.67 अरब डॉलर रहा, जो पिछले वित्त वर्ष के 344.50 अरब डॉलर से अधिक है। मार्च 2026 में पेट्रोलियम उत्पाद, इंजीनियरिंग सामान, माइका, कोयला, प्रोसेस्ड मिनरल्स, अन्य अनाज और हस्तशिल्प जैसे क्षेत्रों में निर्यात वृद्धि देखी गई। पेट्रोलियम निर्यात 5.88% बढ़कर 5.18 अरब डॉलर। इंजीनियरिंग सामान 1.13% बढ़कर 10.94 अरब डॉलर। अन्य अनाज में 108.23% की तेज वृद्धि।

देश के वस्तु निर्यात में एक साल पहले के मुकाबले 7.44 फीसदी कमी दर्ज की गई। मार्च 2026 में माल निर्यात 38.92 अरब डॉलर रहा, जो मार्च 2025 के 42.05 अरब डॉलर से कम है। वहीं सेवा निर्यात भी 35.20 अरब डॉलर रहा, जो पिछले वर्ष के 35.63 अरब डॉलर से थोड़ा कम है।

अमेरिकी निर्यात में वृद्धि ने युद्ध का प्रभाव कम करने में मदद की। इस तेजी के पीछे पेट्रोलियम उत्पादों और इंजीनियरिंग वस्तुओं की अहम भूमिका रही। मशीनरी, ऑटो पुर्जे और औद्योगिक उपकरणों की मांग से इंजीनियरिंग क्षेत्र ने मजबूती दिखाई। मांस व डेयरी निर्यात भी बढ़ा। मार्च में माल निर्यात 38.92 अरब डॉलर रहा, जो एक साल पहले 42.05 अरब डॉलर से कम है।

मार्च 2026 में सिंगापुर, मलेशिया, चीन, तंजानिया और श्रीलंका को निर्यात में वृद्धि दर्ज की गई। पूरे वित्त वर्ष में चीन, स्पेन, हांगकांग, वियतनाम और श्रीलंका शीर्ष निर्यात वृद्धि वाले देश रहे।

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