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इजरायली हमलों के बाद ईरान का बड़ा फैसला

ईरान ने इज़रायली हमलों के बाद पेट्रोकेमिकल निर्यात पर लगाया प्रतिबंध

ईरान की सरकार ने इंडस्ट्रियल इंफ्रास्ट्रक्चर पर इज़रायली हमलों के बाद आंतरिक आपूर्ति के मद्देनज़र पेट्रोकेमिकल उत्पादों के निर्यात पर पूरी तरह से प्रतिबंध लगा दिया है।

ईरान ने इज़रायली हमलों के बाद पेट्रोकेमिकल निर्यात पर लगाया प्रतिबंध

Iran Imposes Full Ban on Petrochemical Exports After Israeli Attacks |

तेहरान (ईरान)। ईरान की सरकार ने इंडस्ट्रियल इंफ्रास्ट्रक्चर पर इज़रायली हमलों के बाद आंतरिक आपूर्ति के मद्देनज़र पेट्रोकेमिकल उत्पादों के निर्यात पर पूरी तरह से प्रतिबंध लगा दिया है। टाइम्स ऑफ़ इज़रायल की एक रिपोर्ट के मुताबिक सरकार के इस निर्णय की जानकारी स्थानीय समाचार पत्र 'दोनिया-ए-इक़्तेसाद' के माध्यम से सार्वजनिक की गई। समाचार पत्र में बताया गया कि सरकार की रणनीति अब घरेलू आपूर्ति को प्राथमिकता देने और कच्चे माल की कमी को रोकने की है।

नेशनल पेट्रोकेमिकल कंपनी ने जारी किए सख्त निर्देश

नेशनल पेट्रोकेमिकल कंपनी के एक वरिष्ठ अधिकारी ने मंगलवार को निर्देश जारी कर पेट्रोकेमिकल फर्मों को अगले आदेश तक निर्यात रोकने का निर्देश दिया है। ईरान सरकार ने यह कदम हालिया संघर्षों के कारण घरेलू उत्पादन क्षमता पर पड़ने वाले दुष्प्रभावों से बचने के लिए उठाया है। टाइम्स ऑफ़ इज़रायल के मुताबिक इस प्रतिबंध का मुख्य उद्देश्य घरेलू बाजारों को स्थिर करना और हालिया हमलों से हुई क्षति के बाद उद्योगों को आपूर्ति सुनिश्चित करना है।

इजरायली हमलों और समुद्री नाकेबंदी से गहराया संकट

यह संकट तब गहरा गया जब इज़राइल ने ईरान के प्रमुख ऊर्जा गलियारों को निशाना बनाया। आसालुयेह और महशहर में स्थित प्रमुख पेट्रोकेमिकल उत्पादन केंद्रों को इज़राइल ने पिछले कुछ हफ्तों में निशाना बनाया। समुद्री नाकेबंदी से भी ईरान को मुश्किलों का सामना करना पड़ रहा है। टाइम्स ऑफ इजरायल की रिपोर्ट के मुताबिक अमेरिकी सेना ने ईरानी बंदरगाहों पर शिपिंग गतिविधियों को रोकने का अभियान शुरू किया है। इस नौसैनिक दबाव का उद्देश्य ईरान के निर्यात राजस्व को कम करना और तेहरान पर दबाव बनाना है।

वैश्विक महंगाई के बीच घरेलू कीमतों को थामने का प्रयास

क्षेत्रीय अस्थिरता के बावजूद, तेहरान आंतरिक स्थिरता की छवि पेश करने का प्रयास कर रहा है। ईरानी मीडिया 'फ़ार्स न्यूज़ एजेंसी' की रिपोर्ट है कि वैश्विक कीमतों में वृद्धि के बावजूद पेट्रोकेमिकल और संबंधित उत्पादों की घरेलू कीमतें संघर्ष-पूर्व के स्तर पर बनी हुई हैं। यह एक ऐसी नीति है जिसका उद्देश्य स्थानीय उपभोक्ताओं और कारखानों को मुद्रास्फीति के झटकों से बचाना है।

निर्यात पर रोक से विदेशी मुद्रा पर असर

इस रोक के आर्थिक दांव ईरानी राजकोष के लिए काफी महत्वपूर्ण हैं। फ़ार्स न्यूज़ एजेंसी के अनुसार, ईरान आमतौर पर प्रति वर्ष लगभग 29 मिलियन टन पेट्रोकेमिकल उत्पादों का निर्यात करता है। इससे लगभग 13 बिलियन अमेरिकी डॉलर का राजस्व प्राप्त होता है। यह निलंबन विदेशी मुद्रा का एक महत्वपूर्ण बलिदान है, क्योंकि सरकार व्यापार पर अस्तित्व को प्राथमिकता दे रही है।

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