अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप द्वारा युद्धविराम की अवधि बढ़ाने की घोषणा के बावजूद ईरान ने वार्ता की शर्तों को ठुकरा दिया है। तेहरान का कहना है कि वह इस 'एकतरफा फैसले' को मानने को तैयार नहीं है।
तेहरान (ईरान)। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप द्वारा युद्धविराम की अवधि बढ़ाने की घोषणा के बावजूद ईरान ने वार्ता की शर्तों को ठुकरा दिया है। तेहरान का कहना है कि वह इस 'एकतरफा फैसले' को मानने को तैयार नहीं है। वह अपने राष्ट्रीय हित को ध्यान में रख कर ही आगे कदम उठाएगा।
वार्ता को लेकर अमेरिका का नया प्रस्ताव
ईरान की ब्रॉडकास्टिंग (आईआरआईबी) की रिपोर्ट में ट्रंप के हवाले से कहा गया है कि युद्धविराम की अवधि पाकिस्तान के सैन्य प्रमुख फील्ड मार्शल असीम मुनीर के अनुरोध पर बढ़ाया गया है। इस रिपोर्ट में कहा गया है- 'ट्रंप ने कहा कि पाकिस्तान के सैन्य प्रमुख का युद्ध विराम का आग्रह ईरान की ओर से वार्ता का नया प्रस्ताव आने तक जारी रहेगा।' अमेरिकी राष्ट्रपति ने कहा कि उन्होंने ईरान के नेतृत्व को और समय देने के लिए युद्ध विराम की अवधि बढ़ाई ताकि वे वार्ता के लिए एकीकृत प्रस्ताव लाए।
ईरानी संसद की दोटूक: हारने वाले शर्तें नहीं थोप सकते
इसी बीच, ईरानी संसद के स्पीकर के सलाहकार महदी मोहम्मदी ने ट्रंप के फैसले पर तीखी प्रतिक्रिया दी है। उन्होंने कहा, 'ट्रंप का युद्ध विराम की अवधि बढ़ाने का कोई मायने नहीं है। हारने वाले शर्तें नहीं थोप सकते।' यह बयान साफ दिखाता है कि ईरान इस पूरे मामले में झुकने के मूड में नहीं है। ईरान ने बातचीत फिर से शुरू करने के लिए एक साफ़ शर्त रखी है। संयुक्त राष्ट्र में ईरान के राजदूत, अमीर सईद इरावानी ने कहा है कि तेहरान बातचीत के लिए तभी तैयार होगा, जब अमेरिका अपनी नौसैनिक नाकेबंदी खत्म कर देगा।
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