पश्चिम एशिया में युद्ध के कारण होर्मुज जलडमरूमध्य से होकर गुजरने वाले नौवहन जलमार्ग पर बहुत ज्यादा दबाव पड़ रहा है।
तेहरान। पश्चिम एशिया में युद्ध के कारण होर्मुज जलडमरूमध्य से होकर गुजरने वाले नौवहन जलमार्ग पर बहुत ज्यादा दबाव पड़ रहा है। शिपिंग न्यूज वेब साइट के अनुसार, ईरान के रिवोल्यूशनरी कॉर्प्स ने होर्मुज में टोल बूथ कायम कर दिया है। इस व्यवस्था के तहत जहाजों को पूरे कागजात प्रस्तुत करने होंगे। इसके बाद ही क्लीयरेंस कोड मिलेगा और ईरान रिवोल्शनरी गार्ड कार्प्स की निगरानी में एकल नियंत्रित मार्ग से गुजरना होगा।
कुछ जहाजों पर $2 मिलियन का भारी शुल्क
इसके साथ ही ईरान ने अब होर्मुज जलमार्ग से गुजरने वाले कुछ जहाजों से $2 मिलियन (लगभग 18.8 करोड़ रुपये) वसूलने का फैसला किया है। यह कदम ईरान द्वारा वैश्विक शिपिंग के इस महत्वपूर्ण रास्ते पर अपने नियंत्रण को दिखाने के लिए उठाया गया है।
ईरान ने फैसले को बताया रणनीतिक कदम
ईरानी संसद की राष्ट्रीय सुरक्षा समिति के सदस्य अलाएद्दीन बोरूजेर्दी ने कहा कि हॉर्मुज जलसंधि से गुजरने वाले कुछ जहाजों पर जो नया $2 मिलियन का टोल लगाया गया है, वह पहले ही लागू कर दिया गया है। उन्होंने बताया कि यह कदम दशकों बाद इस जलसंधि में ईरान के अधिकार को दिखाता है।
टोल को बताया देश की ताकत और जरूरत
बोरूजेर्दी ने कहा, 'कुछ जहाजों से $2 मिलियन का टोल लेना ईरान की ताकत को दिखाता है। अब क्योंकि युद्ध की लागतें बढ़ गई हैं, इसलिए हमें यह करना जरूरी लगता है। हॉर्मुज से गुजरने वाले जहाजों से ट्रांजिट फीस लेना इस्लामिक रिपब्लिक की शक्ति और अधिकार को दिखाता है।'
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