काठमांडू। नेपाल की राजनीति में एक नए युग की शुरुआत करते हुए बलेंद्र शाह ‘बालेन’ ने शुक्रवार को नेपाल के 47वें प्रधानमंत्री के रूप में पद और गोपनीयता की शपथ ली।
काठमांडू। नेपाल की राजनीति में एक नए युग की शुरुआत करते हुए बलेंद्र शाह ‘बालेन’ ने शुक्रवार को नेपाल के 47वें प्रधानमंत्री के रूप में पद और गोपनीयता की शपथ ली। राष्ट्रपति कार्यालय में आयोजित एक विशेष समारोह में नेपाल के राष्ट्रपति रामचंद्र पौडेल ने संविधान के अनुच्छेद 76(1) के तहत उन्हें पद की शपथ दिलाई।
विशेष समारोह में कई गणमान्य लोग शामिल
शपथ ग्रहण समारोह में उपराष्ट्रपति राम सहाय प्रसाद यादव, मुख्य न्यायाधीश प्रकाश मान सिंह राउत, राष्ट्रीय सभा के अध्यक्ष नारायण प्रसाद दहल, पूर्व प्रधानमंत्री, वरिष्ठ सरकारी अधिकारी, सुरक्षा प्रमुख और राजनयिक समुदाय के सदस्य मौजूद रहे। समारोह गरिमामय माहौल में आयोजित किया गया।
नेपाल के सबसे युवा प्रधानमंत्रियों में शामिल
नेपाल के 47वें प्रधानमंत्री के रूप में बालेन शाह देश की बागडोर संभालने वाले सबसे युवा नेताओं में से एक बन गए हैं। महज 35 वर्ष की उम्र में प्रधानमंत्री पद तक पहुंचना अपने आप में एक बड़ी राजनीतिक उपलब्धि माना जा रहा है।
मेयर से प्रधानमंत्री तक का सफर
इससे पहले गुरुवार को बालेन ने प्रतिनिधि सभा के सदस्य के रूप में भी गोपनीयता की शपथ ली थी। वर्ष 2022 में एक स्वतंत्र उम्मीदवार के रूप में चुनाव लड़ते हुए, बलेंद्र “बालेन” शाह ने काठमांडू के मेयर का चुनाव जीतकर देश की पारंपरिक राजनीतिक व्यवस्था को बड़ा झटका दिया था। चुनाव में उन्होंने 61,767 वोट हासिल किए थे और नेपाली कांग्रेस की उम्मीदवार सिरजना सिंह को पीछे छोड़ दिया था, जिन्हें 38,341 वोट मिले थे। वहीं सीपीएन-यूएमएल के उम्मीदवार केशव स्थापित को 38,117 वोट मिले थे।
नई संसद का गठन और राजनीतिक बदलाव
इस महीने की शुरुआत में हुए चुनावों के बाद नेपाल की नई संसद की पहली बैठक भी गुरुवार को आयोजित की गई, जिसमें नव निर्वाचित सांसदों ने पद और गोपनीयता की शपथ ली। पिछली संसद को सितंबर 2025 में जेनरेशन-जेड के विरोध प्रदर्शनों के बाद भंग कर दिया गया था।
चुनाव में राष्ट्रीय स्वतंत्र पार्टी सबसे बड़ी पार्टी
5 मार्च को हुए प्रतिनिधि सभा चुनावों में राष्ट्रीय स्वतंत्र पार्टी 182 सीटों के साथ सबसे बड़ी पार्टी बनकर उभरी। इसके बाद नेपाली कांग्रेस को 38 सीटें, सीपीएन-यूएमएल को 25 सीटें, नेपाली कम्युनिस्ट पार्टी को 17 सीटें, श्रम संस्कृति पार्टी को 7 सीटें और राष्ट्रीय प्रजातंत्र पार्टी को 5 सीटें मिलीं।
दो चुनावी प्रणालियों से चुने जाते हैं सांसद
संवैधानिक प्रावधानों के अनुसार, प्रतिनिधि सभा में कुल 275 सदस्य होते हैं। इनमें से 165 सदस्य फर्स्ट-पास्ट-द-पोस्ट प्रणाली से और 110 सदस्य आनुपातिक प्रतिनिधित्व प्रणाली के तहत चुने जाते हैं।
युवा नेतृत्व से नई उम्मीदें
बलेंद्र शाह के प्रधानमंत्री बनने से नेपाल की राजनीति में युवा नेतृत्व के उदय के रूप में देखा जा रहा है। माना जा रहा है कि उनके नेतृत्व में नेपाल में प्रशासनिक सुधार, शहरी विकास और नई राजनीतिक सोच को बढ़ावा मिल सकता है।
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