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मनी लॉन्ड्रिंग विवाद में घिरे सुधन गुरुंग

नेपाल के गृह मंत्री सुधन गुरुंग ने विवादों के बीच दिया इस्तीफा, नैतिकता का दिया हवाला

नेपाल के गृह मंत्री सुधन गुरुंग ने अपने पद से इस्तीफा दे दिया है। उन पर एक विवादित कारोबारी के साथ शेयर लेन-देन से जुड़े होने के आरोप लगे थे, जो मनी लॉन्ड्रिंग के मामले में जांच के दायरे में है।

नेपाल के गृह मंत्री सुधन गुरुंग ने विवादों के बीच दिया इस्तीफा नैतिकता का दिया हवाला

Nepal Home Minister Sudhan Gurung Resigns Amid Controversy |

काठमांडू (नेपाल)। नेपाल के गृह मंत्री सुधन गुरुंग ने अपने पद से इस्तीफा दे दिया है। उन पर एक विवादित कारोबारी के साथ शेयर लेन-देन से जुड़े होने के आरोप लगे थे, जो मनी लॉन्ड्रिंग के मामले में जांच के दायरे में है। गुरुंग सितंबर में हुए जेन-ज़ी आंदोलन के बाद एक नेता के रूप में उभरे थे और 5 मार्च के चुनाव में गोरखा से जीतकर संसद पहुंचे थे। इसके बाद उन्हें गृह मंत्री बनाया गया था। उन्होंने बुधवार को प्रधानमंत्री बलेन्द्र शाह (बालेन) को अपना इस्तीफा सौंप दिया। उन्होंने सोशल मीडिया के माध्यम से भी अपने फैसले की जानकारी दी।

नैतिकता और जनविश्वास का दिया हवाला

गुरुंग ने फेसबुक पर लिखा, "मैं, सुधन गुरुंग, चैत्र 13, 2082 से गृह मंत्री के रूप में ईमानदारी से काम कर रहा हूं। हाल के दिनों में मेरे शेयर से जुड़े मुद्दों पर नागरिकों द्वारा उठाए गए सवालों, टिप्पणियों और जन-चिंता को मैंने गंभीरता से लिया है। मेरे लिए पद से ज्यादा नैतिकता महत्वपूर्ण है और जनता का विश्वास सबसे बड़ी ताकत है। देश में उठ रहा जेन-ज़ी आंदोलन, जो सुशासन, पारदर्शिता और जवाबदेही की मांग कर रहा है, वही संदेश देता है कि सार्वजनिक जीवन साफ होना चाहिए और नेतृत्व जिम्मेदार होना चाहिए।"

हितों के टकराव से बचने की कही बात

उन्होंने आगे लिखा, "अगर मेरे 46 साथियों के बलिदान से बनी सरकार पर कोई सवाल उठाता है, तो उसका जवाब नैतिकता है। इसलिए, मेरे खिलाफ मामलों की निष्पक्ष जांच सुनिश्चित करने और पद पर रहते हुए किसी भी प्रकार के हितों के टकराव से बचने के लिए मैंने आज से गृह मंत्री पद से इस्तीफा दे दिया है।"

तेजी से उभरे नेता से मंत्री तक का सफर

प्रधानमंत्री शाह ने अपने पद संभालते ही उसी दिन कैबिनेट का गठन किया था और गुरुंग को गृह मंत्री नियुक्त किया था।
अपने शुरुआती दिनों में गुरुंग ने कई बड़े अधिकारियों के खिलाफ कार्रवाई कर सुर्खियां बटोरी थीं। हालांकि हाल के दिनों में उन्हें कड़ी आलोचना का सामना करना पड़ रहा था। उनके इस्तीफे की मांग तब तेज हो गई जब यह खुलासा हुआ कि उनके पास उन कंपनियों के शेयर हैं, जो विवादित कारोबारी दीपक भट्ट से जुड़ी हैं। भट्ट को हाल ही में मनी लॉन्ड्रिंग के मामले में गिरफ्तार किया गया था।

सत्तारूढ़ दल के अंदर से भी उठी इस्तीफे की मांग

रविवार को सामने आए दस्तावेजों से पता चला कि गुरुंग के नाम पर स्टार माइक्रो इंश्योरेंस और लिबर्टी माइक्रो इंश्योरेंस में शेयर हैं, जो भट्ट से जुड़ी कंपनियां हैं और फिलहाल जांच के दायरे में हैं। जैसे-जैसे मामला बढ़ा, सत्तारूढ़ दल आरएसपी के अंदर से भी उनके इस्तीफे की मांग उठने लगी, जिसमें हितों के टकराव की आशंका जताई गई।

शेयर निवेश को लेकर उठे सवाल

आरोपों पर प्रतिक्रिया देते हुए गुरुंग ने दो बार विस्तृत सफाई दी और कहा कि उन्होंने कोई जानकारी छिपाई नहीं है। उन्होंने बताया कि शेयर बाजार में उनका कुल निवेश 2 करोड़ नेपाली रुपये से अधिक है और इसकी पूरी जानकारी आधिकारिक रिकॉर्ड में उपलब्ध है। उन्होंने कहा, "जब मेरी कुल घोषित संपत्ति 2 करोड़ रुपये से ज्यादा है, तो मैं 25 लाख रुपये के शेयर क्यों छिपाऊंगा। यह सिर्फ वर्गीकरण का मामला है।" 

निवेश को पद संभालने से पहले का बताया

गुरुंग ने यह भी कहा कि संबंधित शेयर, जिनमें स्टार माइक्रो इंश्योरेंस और लिबर्टी माइक्रो इंश्योरेंस शामिल हैं, उन्होंने पद संभालने से पहले खरीदे थे और ये उनकी घोषित संपत्ति का हिस्सा हैं। उन्होंने यह भी तर्क दिया कि किसी कंपनी में शेयरधारक होना, उस कंपनी से जुड़े सभी व्यक्तियों से सीधा संबंध होने का प्रमाण नहीं है।

जांच में गृह मंत्रालय की भूमिका न होने और मीडिया ट्रायल का आरोप

हितों के टकराव के सवाल पर उन्होंने कहा कि भट्ट के खिलाफ जांच गृह मंत्रालय नहीं, बल्कि वित्त मंत्रालय के तहत आने वाले मनी लॉन्ड्रिंग जांच विभाग द्वारा की जा रही है। गुरुंग ने अपने खिलाफ लगे आरोपों और मीडिया रिपोर्ट्स को प्रायोजित अफवाह बताया। उन्होंने सोमवार शाम जारी बयान में कहा कि उनके खिलाफ भ्रष्ट लोग साजिश कर रहे हैं, क्योंकि उनके खिलाफ कार्रवाई से वे परेशान हैं।

भ्रष्ट लोगों पर फंसाने की कोशिश का आरोप

उन्होंने कहा कि सरकारी धन के गबन के आरोपियों के खिलाफ कार्रवाई जारी रहेगी। उन्होंने लिखा, "जो लोग लंबे समय से देश के खजाने पर नजर गड़ाए बैठे थे, वे अब डरे हुए हैं। मीडिया ट्रायल और प्रायोजित अफवाहें उनकी हताशा का ही परिणाम हैं।" गुरुंग ने यह भी कहा कि उनके खिलाफ एक संगठित अभियान चलाया जा रहा है और उन्होंने आरोप लगाया कि बड़े पैमाने पर भ्रष्टाचार में शामिल लोगों के खिलाफ ऐसी कार्रवाई नहीं दिखती।

संपत्ति विवरण में पारदर्शिता पर सवाल

हालांकि, गुरुंग ने यह कहा था कि उनके निवेश बैंक ऋण के जरिए किए गए हैं, लेकिन उन्होंने इसे प्रधानमंत्री कार्यालय और मंत्रिपरिषद में जमा अपनी संपत्ति विवरण में स्पष्ट रूप से नहीं बताया था, जिसे पिछले हफ्ते सार्वजनिक किया गया था। इसी तरह, स्टार माइक्रो इंश्योरेंस और लिबर्टी माइक्रो इंश्योरेंस में उनके 25-25 लाख रुपये के निवेश को अलग से नहीं दिखाया गया। उन्होंने इसे 2.745 करोड़ रुपये के एक बड़े आंकड़े में शामिल बताया, जिसे शेयर बाजार में निवेश के रूप में दर्ज किया गया था।

बाद में यह भी सामने आया कि ये कंपनियां अभी सार्वजनिक रूप से ट्रेडिंग शुरू नहीं कर पाई हैं, जिससे यह सवाल उठा कि इन शेयरों को किस आधार पर वर्गीकृत किया गया।

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