ब्रिटिश परमानेंट हेडक्वार्ट्स में होने जा रहे सम्मेलन में 30 से ज्यादा देशों के मिलिट्री प्लानर्स हिस्सा लेंगे। इसमें इसे फिर से चालू करने का पूरा प्लान तैयार करेंगे।
लंदन (यूके)। ब्रिटिश परमानेंट हेडक्वार्ट्स में होने जा रहे सम्मेलन में 30 से ज्यादा देशों के मिलिट्री प्लानर्स हिस्सा लेंगे। इसमें इसे फिर से चालू करने का पूरा प्लान तैयार करेंगे। पिछले हफ्ते यूरोप, एशिया और मिडिल ईस्ट के लगभग 50 देशों के बीच एक वीडियो कॉन्फ्रेंस हुई थी। उसके बाद ब्रिटेन और फ्रांस के नेतृत्व में इस अंतरराष्ट्रीय मिशन को आगे बढ़ाने पर सहमति बनी।
कूटनीति से ठोस सैन्य योजना की ओर कदम
ब्रिटेन के रक्षा मंत्रालय ने बयान जारी कर बताया कि लंदन में होने वाली इस बैठक का मकसद पिछले हफ्ते हुई बातचीत को आगे बढ़ाना है। ब्रिटेन के रक्षामंत्री जॉन हीली ने कहा है कि आज और कल का मुख्य काम डिप्लोमैटिक सहमति को एक ठोस मिलिट्री प्लान में बदलना है।
समुद्री सुरक्षा और शांति बनाए रखने पर जोर
इससे समुद्र में जहाजों के आने-जाने की आजादी सुरक्षित होगी और लंबे समय तक युद्धविराम को सपोर्ट मिलेगा। इस मीटिंग में सेना की क्षमता, कमांड सिस्टम और सैनिकों की तैनाती कैसे होगी, इस पर विस्तार से चर्चा की जाएगी।
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