पेंटागन की खुफिया शाखा के ताजा आकलन से संकेत मिल रहे हैं कि ईरान के पास अब भी 'मुख्य सैन्य क्षमताएं' कायम है। तेहरान के सैन्य बलों की क्षमता घटने के दावे गलत हैं।
वाशिंगटन (अमेरिका)। पेंटागन की खुफिया शाखा के ताजा आकलन से संकेत मिल रहे हैं कि ईरान के पास अब भी 'मुख्य सैन्य क्षमताएं' कायम है। तेहरान के सैन्य बलों की क्षमता घटने के दावे के उलट उच्चस्तरीय अमेरिकी सैन्य अधिकारियों का हाल का यह आकलन चुनौती पूर्ण है।
ट्रंप और हेगसेथ के दावों से अलग खुफिया रिपोर्ट
एनबीसी की एक रिपोर्ट के अनुसार, सैन्य खुफिया समूह की ओर से प्रस्तुत यह तथ्य राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप और रक्षामंत्री पीट हेगसेथ के नरेटिव के पूरी तरह विपरीत हैं। दोनों नेताओं ने पहले कहा था कि हाल के युद्ध में ईरान को इतना नुकसान पहुंचा है कि उसकी भरपाई नहीं हो सकती। खुफिया रिपोर्ट में संकेत दिए गए हैं कि हाल के ऑपरेशन के बावजूद ईरान सशस्त्र बल अब भी सक्षम क्षेत्रीय ताकत हैं।
अमेरिकी दावों पर सवाल, ‘ऑपरेशन फ्यूरी’ पर भी उठे संदेह
यह तथ्य प्रशासन के इस दावे का खंडन करते हैं कि ईरान की वायुसेना नष्ट हो चुकी है और नौसेना बरबाद हो चुकी है। हाल ही में हेगसेथ ने कहा था कि 'ऑपरेशन फ्यूरी' के तहत अमेरिका के सेंट्रल कमांड ने ईरान के मिलिट्री इंडस्ट्रियल बेस को तबाह कर दिया है। उन्होंने कहा था, 'आप अपने बचे हुए लॉन्चरों और मिसाइलों को बाहर निकाल रहे हैं और उन्हें बदलने की कोई क्षमता आपके पास नहीं है।'
उल्लेखनीय है कि ट्रंप ने बुधवार को ही सीजफायर को बढ़ाने का ऐलान किया है। बीते 28 फरवरी को अमेरिका ने ईरान के खिलाफ सैन्य अभियान की शुरुआत की थी।
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