सांभली ट्रस्ट के स्वैक्षिक प्रतिनिधि लारा डेल्यूट ने संयुक्त राष्ट्र मानवाधिकार परिषद (यूएनएचआरसी) के 61वें सत्र में पाकिस्तान से भारत आने वाले अल्पसंख्यक समुदाय के लोगों की चुनौतियों पर प्रकाश डाला।
जेनेवा (स्विट्जरलैंड)। सांभली ट्रस्ट के स्वैक्षिक प्रतिनिधि लारा डेल्यूट ने संयुक्त राष्ट्र मानवाधिकार परिषद (यूएनएचआरसी) के 61वें सत्र में पाकिस्तान से भारत आने वाले अल्पसंख्यक समुदाय के लोगों की चुनौतियों पर प्रकाश डाला। यह ट्रस्ट राजस्थान में समुदाय आधारित गैर लाभ वाला संगठन है। डेल्यूट ने उनके समर्थन में काम करने वाले संगठनों की जमीनी स्तर पर काम करने की महत्वपूर्ण भूमिका का उल्लेख किया।
राजस्थान दौरे ने डेल्यूट पर छोड़ा गहरा असर
61वें सत्र से इतर एएनआई से बातचीत में डेल्यूटिस ने अपने राजस्थान दौरे का स्मरण दिलाया, जहां सांभली ट्रस्ट काम करता है। अपनी इस यात्रा के दौरान वह कई ऐसी महिलाओं और परिवारों से मिलीं जो सालों पहले पाकिस्तान से आए हैं। उनके अनुभवों को देखने सुनने से उनके ऊपर गहरा प्रभाव पड़ा। उन्होंने कहा-'उस दौरान मुझे वर्षों पहले पाकिस्तान से आईं कई महिलाओं और परिवारों से मिलने का मौका मिला।'
संवेदनशील समुदायों के लिए सांभली ट्रस्ट का योगदान
डेल्यूटिस ने पाकिस्तान से आए लोगों और संवेदनशील समुदाय के लोगों के लिए सांभली ट्रस्ट द्वारा किए गए कार्यों का उल्लेख किया। सांभली ट्रस्ट आश्रय चाहने वालों, खासकर रेगिस्तानी लोगों के लिए काम करता है।
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