रूसी संघीय सुरक्षा परिषद द्वारा आयोजित पहला अंतरराष्ट्रीय सुरक्षा मंच मंगलवार को मॉस्को में शुरू हुआ। चार दिनों तक चलने वाले इस कार्यक्रम में 120 से अधिक देशों के सैकड़ों प्रतिनिधि भाग लेंगे।
मॉस्को (रूस)। रूसी संघीय सुरक्षा परिषद द्वारा आयोजित पहला अंतरराष्ट्रीय सुरक्षा मंच मंगलवार को मॉस्को में शुरू हुआ। चार दिनों तक चलने वाले इस कार्यक्रम में 120 से अधिक देशों के सैकड़ों प्रतिनिधि भाग लेंगे। इस आयोजन की मुख्य आयोजक संस्था रूसी सुरक्षा परिषद के अनुसार, मंच पर हुई चर्चाओं में वैश्विक सुरक्षा से जुड़े कई मुद्दों पर ध्यान केंद्रित किया गया। इनमें 'पारंपरिक मूल्यों' की रक्षा करना, 'नव-उपनिवेशवाद' और 'नव-फासीवाद' का मुकाबला करना शामिल है।
अफ्रीका, एशिया और लैटिन अमेरिका की बड़ी भागीदारी
इस मंच में अधिकतर अफ्रीकी देशों (50/54) के प्रतिनिधियों के साथ-साथ एससीओ, ब्रिक्स और आसियान के साझेदारों के प्रतिनिधि, साथ ही मध्य पूर्व और लैटिन अमेरिका के कई देशों के प्रतिनिधि शामिल हुए, जो विश्व की लगभग 70 प्रतिशत आबादी का प्रतिनिधित्व करते हैं।
सीएसटीओ देशों के साथ अहम बैठक की तैयारी
इस मंच के ढांचे के भीतर, रूसी सुरक्षा परिषद के सचिव सर्गेई शोइगु सामूहिक सुरक्षा संधि संगठन (सीएसटीओ) के सदस्य देशों बेलारूस, कजाकिस्तान, किर्गिस्तान और ताजिकिस्तान के अपने समकक्षों के साथ एक बैठक की अध्यक्षता करेंगे। इस बैठक में सामूहिक सुरक्षा क्षेत्र की राजनीतिक और सैन्य स्थिति और मध्यावधि अवधि के दौरान संगठन की गतिविधियों की समीक्षा करने के साथ-साथ 2026 के लिए प्राथमिकता वाले दिशा-निर्देशों पर चर्चा होने की उम्मीद है।
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