इस्लामाबाद। 27 वें संविधान संशोधन को राष्ट्रपति की मंजूरी मिलने और विरोध में सुप्रीम कोर्ट के दो वरिष्ठ जजों के इस्तीफे के बाद पाकिस्तान में राजनीतिक तनाव और गंभीर हो गया।
देश व्यापी आन्दोलन की तैयारी
इस्लामाबाद। 27 वें संविधान संशोधन को राष्ट्रपति की मंजूरी मिलने और विरोध में सुप्रीम कोर्ट के दो वरिष्ठ जजों के इस्तीफे के बाद पाकिस्तान में राजनीतिक तनाव और गंभीर हो गया। विपक्षी दल पाकिस्तान-तहरीक-ए-इस्लाम (पीटीआई) समर्थित गठबंधन- तहरीक तहफूज आईन ए पाकिस्तान (टीटीएपी) ने राष्ट्रव्यापी आंदोलन की तैयारी शुरू कर दी है।
टीटीएपी ने महमूद खान अचक्जाई की अध्यक्षता में संसदीय पार्टी की महत्वपूर्ण बैठक की। पीटीआई के चेयरमैन बैरिस्टर जोहर अली खान भी इस बैठक में शामिल हुए। गठबंधन की ओर स़े 'एक्स' पर किए गए एक पोस्ट में कहा गया है कि अत्यंत महत्वपूर्ण बैठक चल रही है जिसमें खास फैसला लिये जाने की उम्मीद है।
पाकिस्तान में 27वां संशोधन बाद हालात बिगड़े
पाकिस्तान के प्रमुख अंग्रेजी दैनिक 'डान' के अनुसार नेशनल एसेंबली के पूर्व अध्यक्ष ने 27 वें संविधान संशोधन विधेयक की मंजूरी के बाद की राजनीतिक स्थिति पर चर्चा की। बैठक में उपस्थित सभी सदस्यों ने एकमत से कहा कि यह सरकार देश को चलाने में अक्षम है। देश गृहयुद्ध के कगार पर पहुंच चुका है। कैसर ने कहा कि अचक्जाई ने इस बात पर जोर दिया कि आंदोलन में धार्मिक संगठनों को शामिल करने की जरूरत है। उन्होंने कहा कि जजों का इस्तीफा बढ़ते जनाक्रोश का प्रतीक है।
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