पश्चिमी एशिया संघर्ष के बीच अमेरिका ने IRGC के वित्तीय नेटवर्क की जानकारी देने पर 15 मिलियन डॉलर तक इनाम घोषित किया है।
वाशिंगटन डीसी। पश्चिमी एशिया में चल रहे संघर्ष के बीच, अमेरिकी विदेश विभाग ने ईरान के इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स (IRGC) से जुड़े वित्तीय तंत्रों के बारे में जानकारी देने वाले को 15 मिलियन अमेरिकी डॉलर तक के इनाम की घोषणा की है।
प्रतिबंध और दबाव की नीति तेज
यह घोषणा ईरान के कथित अवैध तेल और वित्तपोषण नेटवर्क को निशाना बनाने के लिए विस्तारित प्रतिबंधों और दबाव उपायों का हिस्सा है।
विदेश विभाग का बयान
सोमवार को जारी बयान में विदेश विभाग के प्रवक्ता थॉमस "टॉमी" पिगोट ने कहा कि अमेरिका अपने “आर्थिक आक्रोश” प्रतिबंध ढांचे के तहत उन राजस्व स्रोतों को बाधित करने के प्रयास तेज कर रहा है, जिनका उपयोग आतंकवाद और क्षेत्रीय अस्थिरता गतिविधियों के वित्तपोषण के लिए किया जाता है।
IRGC के नेटवर्क पर आरोप
बयान में कहा गया है कि ट्रम्प प्रशासन IRGC के अवैध तेल संचालन को सक्षम बनाने वाले वित्तीय नेटवर्क को निशाना बना रहा है। साथ ही ‘रिवॉर्ड्स फॉर जस्टिस’ कार्यक्रम के तहत जानकारी देने पर 15 मिलियन डॉलर तक का इनाम दिया जा रहा है।
वरिष्ठ अधिकारियों पर प्रतिबंध
अमेरिकी विदेश विभाग ने एक ऐसे नेटवर्क पर भी प्रतिबंध लगाया है जो कथित तौर पर ईरानी तेल की बिक्री और अंतरराष्ट्रीय खरीदारों तक पहुंचाने में शामिल था। इसके अलावा IRGC के शाहिद पुरजाफरी तेल मुख्यालय के तीन वरिष्ठ अधिकारियों पर भी प्रतिबंध लगाए गए हैं।
तेल राजस्व और आरोप
अमेरिका का कहना है कि ये वित्तीय नेटवर्क प्रॉक्सी समूहों और सैन्य गतिविधियों को समर्थन देते हैं। बयान में यह भी कहा गया कि ईरानी जनता भ्रष्टाचार और आर्थिक संकट का सामना कर रही है, जबकि तेल राजस्व का उपयोग अन्य गतिविधियों में किया जा रहा है।
फंडिंग नेटवर्क पर नजर
कार्यक्रम ने बताया कि वह IRGC से जुड़े वित्तपोषण के विभिन्न पहलुओं—जैसे तेल के बदले भुगतान योजनाएं, फर्जी कंपनियां, प्रतिबंधों से बचने वाले नेटवर्क और वित्तीय संस्थानों की भूमिका—पर जानकारी मांग रहा है।
ANI
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