द्विपक्षीय व्यापार को बढ़ावा देने के लिए एसोचैम ने अफगानिस्तान चैंबर ऑफ कॉमर्स एंड इन्वेस्टमेंट के साथ समझौता ज्ञापन पर हस्ताक्षर किए।
नई दिल्ली (भारत): एसोसिएटेड चैंबर्स ऑफ कॉमर्स एंड इंडस्ट्री ऑफ इंडिया और अफगानिस्तान चैंबर ऑफ कॉमर्स एंड इन्वेस्टमेंट ने द्विपक्षीय व्यापार को प्रोत्साहित करने तथा दोनों देशों के बीच ऐतिहासिक आर्थिक संबंधों को और मजबूत करने के उद्देश्य से एक MoU पर हस्ताक्षर किए हैं। यह समझौता निजी क्षेत्र के सहयोग को बढ़ाने और विशेष रूप से प्राकृतिक संसाधन एवं विनिर्माण क्षेत्रों में नए निवेश अवसरों की पहचान पर केंद्रित है।
पुराने संबंधों हैं को मिलेगी नई गति
नई दिल्ली में आयोजित कार्यक्रम में हस्ताक्षर के बाद एएसओसीएचएएम अध्यक्ष निर्मल कुमार मिंडा ने कहा, कि यह MoU लंबे समय से चले आ रहे व्यापारिक संबंधों को आधुनिक स्वरूप देने और उनके विस्तार के लिए एक महत्वपूर्ण ढांचा प्रदान करेगा। उन्होंने कहा कि भारत और अफगानिस्तान के बीच सदियों पुराने संबंध हैं, जिन्हें यह समझौता नई गति देगा।
संगठन का लक्ष्य मौजूदा व्यापारिक मात्रा को बढ़ाना
दोनों संगठनों का लक्ष्य मौजूदा व्यापारिक मात्रा को बढ़ाना और उद्यमियों के बीच सीधे संवाद के माध्यम से नए व्यावसायिक अवसरों को विकसित करना है। वर्तमान में दोनों देशों के बीच लगभग 1 अरब डॉलर का व्यापार होता है, जिसे और बढ़ाने की दिशा में प्रयास किए जा रहे हैं।
भारत से अफगानिस्तान जाएगा व्यापार प्रतिनिधिमंडल
समझौते के तहत डिजिटल प्लेटफॉर्म के माध्यम से नियमित बैठकों की व्यवस्था की जाएगी, ताकि व्यापारिक हितों का आकलन किया जा सके और जमीनी स्तर पर संभावनाओं की पहचान के लिए भारत से एक व्यापार प्रतिनिधिमंडल अफगानिस्तान भेजने की योजना पर विचार किया जा सके।
होंगे द्विसाप्ताहिक और मासिक वर्चुअल बैठक
मिंडा ने बताया कि आने वाले 60 दिनों में द्विसाप्ताहिक और मासिक वर्चुअल बैठकों के जरिए निजी क्षेत्र की भागीदारी और निवेश संभावनाओं का मूल्यांकन किया जाएगा। यदि इन बैठकों में सकारात्मक प्रगति होती है, तो 15–20 सदस्यों का एक प्रतिनिधिमंडल अफगानिस्तान भेजा जाएगा। दीर्घकालिक लक्ष्य के तहत यह साझेदारी केवल व्यापार तक सीमित नहीं रहेगी, बल्कि दोनों देशों में औद्योगिक इकाइयों की स्थापना और पारस्परिक निवेश को भी बढ़ावा देगी, जिससे आर्थिक सहयोग और अधिक गहरा हो सके। (एएनआई)
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