मंत्रालय ने कहा कि उसने पाया है कि देश के कुछ हिस्सों में खुदरा दुकानों के माध्यम से मोटर स्पिरिट और हाई स्पीड डीजल की बिक्री में असामान्य वृद्धि देखने को मिल रही थी।
नई दिल्ली। केंद्र सरकार ने औद्योगिक, वाणिज्यिक और संस्थागत उपभोक्ताओं को खुदरा ईंधन स्टेशनों से डीजल खरीदने से रोक दिया है। थोक चैनलों से डीजल की आवाजाही के कारण पेट्रोल पंपों पर डीजल की बिक्री में असामान्य वृद्धि के मद्देनजर आम उपभोक्ताओं के लिए निर्धारित आपूर्ति को सुरक्षित रखने के उद्देश्य से यह कदम उठाया गया है। 11 जून को जारी एक अधिसूचना में पेट्रोलियम मंत्रालय ने कहा कि खुदरा और थोक बिक्री की कीमतों में अंतर के कारण औद्योगिक, वाणिज्यिक और संस्थागत उपभोक्ता ईंधन खरीदने के लिए तेजी से खुदरा दुकानों की ओर रुख कर रहे हैं, जिससे खुदरा ग्राहकों के लिए निर्धारित आपूर्ति पर दबाव पड़ रहा है।
आम आदमी के हित में लगानी पड़ी रोक
मंत्रालय ने कहा कि उसने पाया है कि "देश के कुछ हिस्सों में खुदरा दुकानों के माध्यम से मोटर स्पिरिट और हाई स्पीड डीजल की बिक्री में असामान्य वृद्धि खुदरा और थोक बिक्री की कीमतों में अंतर के कारण औद्योगिक, वाणिज्यिक और संस्थागत उपभोक्ताओं के खुदरा दुकानों की ओर रुख करने से प्रेरित है।" अधिसूचना के अनुसार, इस प्रवृत्ति के परिणामस्वरूप "खुदरा उपभोक्ताओं के लिए निर्धारित आपूर्ति का डायवर्जन" हो रहा है और "स्थानीय स्तर पर कमी और आम आदमी के लिए आवश्यक सेवाओं में व्यवधान" की संभावना पैदा हो रही है।
खुदरा डीलरों को निर्देश विशेष निर्देश
सरकार ने खुदरा डीलरों को निर्देश दिया है कि वे हाई-स्पीड डीजल केवल वाहनों के टैंकों या पेट्रोलियम और विस्फोटक सुरक्षा संगठन (पीईएसओ) द्वारा अनुमोदित कंटेनरों में ही भरें और प्रति ग्राहक या वाहन प्रति दिन 200 लीटर तक ही बिक्री सीमित रखें। अधिसूचना में कहा गया है, "खुदरा डीलर केवल वाहन के टैंक या पीईएसओ द्वारा अनुमोदित कंटेनरों में ही हाई-स्पीड डीजल भरेंगे और एक ग्राहक/वाहन को एक दिन में 200 लीटर से अधिक नहीं देंगे, और इस हाई-स्पीड डीजल को दोबारा बेचा नहीं जा सकता।" (एएनआई)