GST Rate : जीएसटी दरों में राहत और त्योहारी सीजन में हुई खरीदारी से देश में जीएसटी कलेक्शन बढ़कर 1.96 लाख करोड़ रुपये के रिकार्ड स्तर पर पहुंच गया।
GST Rate : जीएसटी दरों में राहत और त्योहारी सीजन में हुई खरीदारी से देश में जीएसटी कलेक्शन बढ़कर 1.96 लाख करोड़ रुपये के रिकार्ड स्तर पर पहुंच गया। यह पिछले साल के मुकाबले 4.6% ज्यादा है। हालांकि यह पिछले 52 महीनों में ये जीएसटी कलेक्शन की सबसे धीमी रफ्तार है।
वित्त मंत्रालय द्वारा शनिवार को जारी डेटा के अनुसार पिछले महीने यानी सितंबर में जीएसटी कलेक्शन में 9.1% की बढ़ोतरी हुई थी, जो पिछले चार महीनों का सबसे ज्यादा था। लेकिन अक्टूबर में यह रफ्तार घटकर 4.6% रह गई। कुल कलेक्शन 1.89 लाख करोड़ रुपये से बढ़कर 1.96 लाख करोड़ रुपये हो गया। यह चालू वित्त वर्ष में औसतन 9 फीसदी की तुलना में वृद्धि की सबसे धीमी रफ्तार है।
वित्त मंत्रालय द्वारा जारी आंकड़ों के अनुसार अक्तूबर, 2024 में सरकार का जीएसटी संग्रह 1.87 लाख करोड़ रुपये था। कुल 1,95,936 करोड़ रुपये के जीएसटी संग्रह में घरेलू राजस्व का योगदान 1.45 लाख करोड़ रुपये रहा। यह सालाना आधार पर सिर्फ दो फीसदी अधिक है, जो बताता है कि जीएसटी दरों में कटौती के बावजूद बड़े पैमाने पर बाजार खपत में उतार-चढ़ाव रहा। खासकर गांवों में लोगों ने सोच-समझकर खर्च किया। कुल संग्रह में वस्तु आयात से प्राप्त राजस्व की हिस्सेदारी सालाना आधार पर 13 फीसदी ज्यादा 50,884 करोड़ रुपये रही। बीते महीने 26,934 करोड़ रुपये का टैक्स रिफंड किया, जो एक साल पहले की तुलना में 39.6 फीसदी अधिक है।
यह लगातार 10वां महीना है जब जीएसटी कलेक्शन 1.8 लाख करोड़ रुपये से ऊपर रहा है। इससे पहले मई में कलेक्शन 2 लाख करोड़ रुपये के पार गया था। जीएसटी कलेक्शन की यह धीमी रफ्तार जीएसटी नियमों में हुए बदलावों से जुड़ी है। अगस्त में प्रधानमंत्री ने जीएसटी व्यवस्था में कुछ बदलावों का ऐलान किया था। 22 सितंबर को सरकार ने एक बड़ा कदम उठाते हुए 12% और 28% वाले टैक्स स्लैब को खत्म कर दिया। अब ज्यादातर चीजें यानी 90% सामानों पर कम टैक्स लगेगा। लेकिन सरकार को उम्मीद है कि जीएसटी दरों में कमी से बाजार में कारोबार में जल्दी ही तेजी आयेगी। इससे कलेक्शन भी बढ़ेगा।
रिजर्व बैंक ने हाल ही में भारत की आर्थिक विकास दर का अनुमान बढ़ाया है। पहले जहां 6.5% का अनुमान था, उसे बढ़ाकर अब 6.8% कर दिया गया है। इसी तरह IMF ने भी अक्टूबर में भारत की विकास दर का अनुमान 6.4% से बढ़ाकर 6.6% कर दिया है। यह दिखाता है कि देश की अर्थव्यवस्था में सुधार की उम्मीद है। जीएसटी में हुए बदलावों का असर अर्थव्यवस्था पर सकारात्मक पड़ेगा। इससे आने वाले दिनों में जीएसटी कलेक्शन में पर्याप्त वृद्धि की उम्मीद है।
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