RBI के अनुसार अगस्त में NBFC रिटेल लोन 22% बढ़ा, जबकि गोल्ड लोन में 69.1% की तेज़ी दर्ज हुई। कुल NBFC क्रेडिट 15.8% बढ़कर 60.64 लाख करोड़ रुपये हुआ।
मुंबई (महाराष्ट्र)। रिजर्व बैंक ऑफ इंडिया (RBI) के मंगलवार को जारी आंकड़ों के अनुसार, अगस्त में नॉन-बैंकिंग फाइनेंशियल कंपनियों (NBFCs) द्वारा रिटेल लोन देने में तेजी आई। हाउसिंग और गोल्ड लोन में मजबूत ग्रोथ के चलते रिटेल लोन सालाना आधार पर 22% बढ़ा, जबकि एक साल पहले यह वृद्धि 13.6% थी। RBI ने अपनी रिलीज में कहा, "अगस्त में रिटेल लोन की ग्रोथ सालाना आधार पर 22.0% हो गई, जबकि एक साल पहले यह 13.6% थी।" रिटेल क्रेडिट में यह तेजी NBFC क्रेडिट की कुल ग्रोथ में भी मजबूती के साथ आई।
गोल्ड लोन में 69.1% की बढ़ोतरी
RBI के अनुसार, सोने के गहनों के बदले लिए जाने वाले लोन रिटेल क्रेडिट के सबसे तेज़ी से बढ़ने वाले सेगमेंट में रहे। अगस्त में इनमें सालाना आधार पर 69.1% की बढ़ोतरी हुई और यह लगभग 3.65 लाख करोड़ रुपये तक पहुंच गया। केंद्रीय बैंक ने कहा कि रिटेल लोन के भीतर हाउसिंग लोन और सोने के गहनों के बदले दिए जाने वाले लोन में क्रेडिट ग्रोथ में तेजी देखी गई। वहीं, व्हीकल लोन ने मामूली बढ़ोतरी के साथ अपनी मजबूत ग्रोथ बनाए रखी।
कुल NBFC क्रेडिट 15.8% बढ़ा
अगस्त में NBFCs द्वारा दिए गए कुल क्रेडिट में सालाना आधार पर 15.8% की बढ़ोतरी हुई। एक साल पहले कुल क्रेडिट की ग्रोथ 10% थी। कुल बकाया क्रेडिट लगभग 60.64 लाख करोड़ रुपये तक पहुंच गया। रिटेल क्रेडिट के भीतर हाउसिंग लोन में एक साल पहले की तुलना में 12.1% की बढ़ोतरी हुई, जबकि पिछले साल इसी अवधि में यह ग्रोथ 3.8% थी। व्हीकल लोन की ग्रोथ 15.4% रही, जबकि कंज्यूमर ड्यूरेबल लोन में 56.4% की बढ़ोतरी दर्ज की गई।
कृषि क्षेत्र के क्रेडिट में भी तेजी
RBI के आंकड़ों के अनुसार, परिवारों को दिए जाने वाले लोन कुल NBFC क्रेडिट की तुलना में तेजी से बढ़ रहे हैं। सोने के बदले लिए जाने वाले लोन में विशेष रूप से तेज वृद्धि दर्ज की गई है। RBI ने कहा, "अगस्त 2026 में खेती और उससे जुड़ी गतिविधियों के लिए क्रेडिट में 17.4 प्रतिशत (साल-दर-साल) की ज़बरदस्त बढ़ोतरी दर्ज की गई, जबकि एक साल पहले यह 5.1 प्रतिशत थी।"
इंडस्ट्री क्रेडिट ग्रोथ लगभग स्थिर
इंडस्ट्री को दिए जाने वाले क्रेडिट में बढ़ोतरी लगभग स्थिर रही। अगस्त में यह ग्रोथ 8.4% रही, जबकि एक साल पहले यह 8.3% थी। इसके उलट, सर्विस सेक्टर को दिए जाने वाले लोन की वृद्धि दर में गिरावट आई। यह एक साल पहले के 24% से घटकर 16.2% रह गई।
कमर्शियल रियल एस्टेट क्रेडिट में तेजी
RBI ने कहा, "जहां कमर्शियल रियल एस्टेट के लिए क्रेडिट में तेजी से बढ़ोतरी हुई, वहीं ट्रेड और ट्रांसपोर्ट ऑपरेटर्स सेगमेंट में क्रेडिट ग्रोथ धीमी हो गई।" केंद्रीय बैंक के मुताबिक, सेक्टर-वाइज क्रेडिट डेटा अपर और मिडिल लेयर की NBFCs और हाउसिंग फाइनेंस कंपनियों के सैंपल पर आधारित है। ये कंपनियां RBI के रेफरेंस डेटा में शामिल कुल क्रेडिट का लगभग 87% हिस्सा हैं। (Source: ANI)
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