पश्चिम एशिया में छिड़े संग्राम और कच्चे तेल में उछाल से भारतीय शेयर बाजार में बीते हफ्ते भारी गिरावट आयी है।
नई दिल्ली। पश्चिम एशिया में छिड़े संग्राम और कच्चे तेल में उछाल से भारतीय शेयर बाजार में बीते हफ्ते भारी गिरावट आयी है। इस दौरान बीते सप्ताह के दौरान बीएसई सेंसेक्स 2,090.2 अंक और एनएसई का निफ्टी 532.65 अंक गिरा है।
सेंसेक्स-निफ्टी में बड़ी गिरावट
बीते सप्ताह बाजार में भारी उतार-चढ़ाव और बिकवाली के बीच दोनों प्रमुख सूचकांकों सेंसेक्स और निफ्टी में रही बड़ी गिरावट के चलते बीएसई में सूचीबद्ध शीर्ष 10 मूल्यांकित कंपनियों में से नौ कंपनियों के बाजार पूंजीकरण में 3.12 लाख करोड़ रुपये की भारी गिरावट दर्ज की गई है।
टॉप कंपनियों का मार्केट कैप घटा
स्टाक एक्सचेंज के डाटा के अनुसार, बीते सप्ताह के दौरान स्टाक मार्केट में गिरावट के बाद भी केवल भारती एयरटेल के बाजार पूंजीकरण में 42,470.13 करोड़ रुपये की बढ़ोतरी हुई है।
रिलायंस को सबसे ज्यादा नुकसान
रिलायंस इंडस्ट्रीज के पूंजीकरण में इस दौरान सबसे अधिक 1.34 लाख करोड़ रुपये की कमी आई। अब कंपनी का बाजार पूंजीकरण घटकर 18.08 लाख करोड़ रुपये रह गया है।
बैंकिंग और फाइनेंस सेक्टर पर असर
इसके अलावा, बजाज फाइनेंस का मूल्यांकन ₹27,892 करोड़, एचडीएफसी बैंक का ₹20,630 करोड़ और आईसीआईसीआई बैंक का मार्केट कैप ₹14,290 करोड़ कम हो गया।
एलएंडटी, HUL और LIC भी फिसले
लार्सन एंड टुब्रो के मूल्यांकन में ₹9,078 करोड़ और हिंदुस्तान यूनिलीवर (HUL) में ₹3,970 करोड़ की गिरावट आई। एलआईसी (LIC) का मार्केट कैप भी ₹2,182 करोड़ गिर गया।
निवेशकों में बढ़ी चिंता
साथ ही एसबीआई, टीसीएस, बजाज फाइनेंस, एचडीएफसी बैंक, आइसीआइसीआइ बैंक, लार्सन एंड टूब्रो, हिंदुस्तान यूनिलीवर और एलआइसी का बाजार पूंजीकरण भी घटा है।
भू-राजनीतिक तनाव बना बड़ी वजह
बाजार विशेषज्ञों के अनुसार, इस सामूहिक गिरावट का मुख्य कारण पश्चिम एशिया में बढ़ता भू-राजनीतिक तनाव, रुपये में कमजोरी और कच्चे तेल की कीमतों को लेकर बनी अनिश्चितता रही।
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