राज्यसभा में विदेश मंत्रालय ने बताया कि जुलाई 2021 से अब तक प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की विदेश यात्राओं के दौरान 316 एमओयू और समझौतों पर हस्ताक्षर किए गए हैं।
नई दिल्ली [भारत]: विदेश मामलों की राज्य मंत्री पबित्रा मार्गेरिटा ने राज्यसभा में लिखित उत्तर में बताया कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की विदेश यात्राओं पर वर्ष 2026 में अब तक 74.58 करोड़ रुपये से अधिक खर्च हो चुका है। हालांकि मंत्रालय ने स्पष्ट किया कि इस वर्ष के कुछ खर्च अभी अस्थायी हैं और अंतिम बिलों के निपटान के बाद आंकड़ों में बदलाव हो सकता है।
2021 से अब तक कुल खर्च ₹550 करोड़ से अधिक
विदेश मंत्रालय के अनुसार, वर्ष 2021 से अब तक प्रधानमंत्री की विदेश यात्राओं पर कुल 550 करोड़ रुपये से अधिक खर्च किए जा चुके हैं। वर्षवार खर्च इस प्रकार है—
- 2025: ₹180 करोड़ से अधिक
- 2024: ₹109 करोड़
- 2023: ₹93 करोड़
- 2022: ₹55 करोड़
- 2021: ₹36 करोड़
नॉर्वे दौरे पर सबसे ज्यादा खर्च
मंत्रालय के मुताबिक, 2026 में अब तक प्रधानमंत्री की विदेश यात्राओं में सबसे अधिक खर्च मई महीने में पांच देशों की यात्रा के दौरान नॉर्वे चरण पर हुआ, जहां करीब 17.46 करोड़ रुपये खर्च किए गए। वहीं जून में फ्रांस यात्रा के खर्च का संकलन अभी जारी है।
316 एमओयू और समझौतों पर हुए हस्ताक्षर
विदेश मंत्रालय ने बताया कि जुलाई 2021 से प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की विदेश यात्राओं के दौरान 316 समझौता ज्ञापनों (MoUs) और अन्य समझौतों पर हस्ताक्षर किए गए हैं। इन समझौतों में रक्षा, व्यापार और निवेश, डिजिटल तकनीक, कृत्रिम बुद्धिमत्ता (AI), सेमीकंडक्टर, नवीकरणीय ऊर्जा, स्वास्थ्य, शिक्षा, कृषि, अंतरिक्ष सहयोग, जलवायु परिवर्तन, प्रवासन और सांस्कृतिक आदान-प्रदान जैसे कई महत्वपूर्ण क्षेत्र शामिल हैं।
FDI निवेश का भी दिया ब्यौरा
विदेश मंत्रालय ने राज्यसभा को बताया कि अप्रैल 2021 से दिसंबर 2025 के बीच भारत को कुल 381.8 अरब अमेरिकी डॉलर का प्रत्यक्ष विदेशी निवेश (FDI) प्राप्त हुआ। मंत्रालय का कहना है कि प्रधानमंत्री की उच्चस्तरीय विदेश यात्राएं भारत के द्विपक्षीय, क्षेत्रीय और वैश्विक संबंधों को मजबूत करने के साथ-साथ व्यापार, निवेश और रणनीतिक साझेदारी बढ़ाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाती हैं।
(एएनआई)
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