पश्चिम बंगाल में एसआइआर के भय़ से आत्महत्या की चौथी घटना हो गई। कोलकाता से करीब बीस किलोमीटर दूर हुगली जिले के तहत डानकुनी में हसिना बेगम नाम की 60 साल की वृद्धा ने सोमवार को आत्महत्या कर ली।
पश्चिम बंगाल में एसआइआर के भय से चौथी आत्महत्या
वोटर लिस्ट में नाम नहीं होने से तनाव में थी वृद्धा
कोलकाता। पश्चिम बंगाल में एसआइआर के भय़ से आत्महत्या की चौथी घटना हो गई। कोलकाता से करीब बीस किलोमीटर दूर हुगली जिले के तहत डानकुनी में हसिना बेगम नाम की 60 साल की वृद्धा ने सोमवार को आत्महत्या कर ली। उसके परिवार के लोगों ने कहा कि वे पिछले कुछ दिनों से तनाव में थी। उनका 2002 के वोटर लिस्ट में नाम नहीं था। दो-तीन से वे काफी तनाव में थी। टीएमसी के नेताओं ने उनके परिवार के लोगों से मुलाकात कर संवेदना प्रकट की।
टीएमसी के प्रवक्ता कुणाल घोष ने कहा कि भाजपा और चुनाव आयोग की ओर से पूरे राज्य में एसआईआर के नाम पर भय का माहौल बनाया गया है। एसआईआर के भय से आत्महत्या की यह चौथी घटना है। इसके पहले कोलकाता से करीब 20 किलोमीटर दूर उत्तर चौबीस परगना जिले के तहत टीटागढ़ में काकुली सरकार नाम की एक विवाहित युवती ने एसआईआर के भट से आत्महत्या कर ली थी।
कहना न होगा कि डानकुनी और टीटागढ़ की आत्महत्या की घटना के पहले बीरभूम जिले के इसलामबाजार में रहने वाले 95 साल के क्षितिज चंद्र मजुमदार ने एसआइआर के भय से आत्महत्या कर ली थी और इसके पहले उत्तर चौबीस परगना जिले के खड़दह थाने के तहत आगरपाड़ा के महाजाति नगर में रहने वाले 57 साल के प्रदीप कर आत्महत्या कर ली। कुचबिहार जिले में दिनहाटा के जीतपुर निवासी खैरुल शेख ने जहर खाकर आत्महत्या करने की कोशिश की।
हसिना बेगम के मुस्लिम समुदाय के होने की वजह से उनकी आत्महत्या की घटना के बाद टीएमसी ने भाजपा का और तेज विरोध करना शुरु कर दिया है। गौरतब है कि 4 नवंबर को टीएमसी आला और मुख्यमंत्री ममता बनर्जी के नेतृत्व में एसआईआर के विरोध में कोलकाता में विरोध रैली निकाली जाएगी। टीएमसी ने रैली की कामयाबी के लिए काफी तैयारी की है। इसी तारीख से एसआईआर की प्रक्रिया शुरू की जाएगी। राज्यभर में बीएलओ घर-घर जाना और वोटरों से गणना फार्म देना शुरू करेंगे।