मुख्य चुनाव आयुक्त के खिलाफ मतदाता सूची के विशेष गहन संशोधन और नामों को हटाने के आरोपों को लेकर 'इंडिया ब्लॉक' द्वारा निकाले जा रहे विरोध मार्च में बीजेडी ने भी शामिल होने की घोषणा की है।
नई दिल्ली (भारत)। मुख्य चुनाव आयुक्त के खिलाफ 'इंडिया ब्लॉक' मार्च को बीजू जनता दल (बीजेडी) के समर्थन से और बल मिला है। बीजू जनता दल (बीजेडी) ने मंगलवार को घोषणा की कि उसके सदस्य आज विपक्षी दलों के विरोध मार्च में भाग लेंगे। यह विरोध मार्च मतदाता सूची के विशेष गहन संशोधन (एसआईआर) और देश भर में 13 करोड़ से अधिक मतदाताओं के नाम हटाने के संबंध में मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार की कथित मनमानी कार्रवाई के खिलाफ है।
संशोधित फॉर्म 6 पर सुप्रीम कोर्ट की टिप्पणी
बीजेडी सुप्रीमो और विपक्ष के नेता नवीन पटनायक के निर्देशानुसार, पार्टी के सांसद विरोध मार्च में भाग लेंगे। राज्यसभा में बीजेडी संसदीय दल के नेता मानस मंगराज ने मीडिया को पार्टी के इस निर्णय की जानकारी दी। इस बीच, समाजवादी पार्टी के प्रमुख अखिलेश यादव 'इंडिया ब्लॉक' विरोध मार्च में शामिल होने के लिए लखनऊ से रवाना हो गए हैं। सीपीआई सांसद पी. संतोष कुमार ने कहा कि संशोधित फॉर्म 6 पर सुप्रीम कोर्ट की टिप्पणियों ने भी मार्च से पहले विपक्ष का मनोबल बढ़ाया है।
मकर द्वार से मुख्य चुनाव आयुक्त कार्यालय तक मार्च
“हम सुबह 10:30 बजे मकर द्वार से मुख्य चुनाव आयुक्त कार्यालय तक अपना मार्च शुरू करेंगे। इसमें इंडिया ब्लॉक के लगभग सभी सांसद शामिल होंगे। कुछ अन्य प्रमुख नेताओं के भी शामिल होने की उम्मीद है। इससे मौजूदा आंदोलन और तेज होगा। कल सुप्रीम कोर्ट ने कुछ महत्वपूर्ण टिप्पणियां कीं। इससे माहौल पूरी तरह बदल गया है। विपक्ष अब और भी जोश में है। हमारी तरफ से सभी प्रमुख नेता वहां मौजूद रहेंगे और यह एक ऐतिहासिक मार्च होगा। ज्ञानेश कुमार को तो जाना ही होगा, इसमें कोई शक नहीं,” उन्होंने कहा।
इंडिया ब्लॉक के सांसदों के विरोध मार्च से पहले कार्यालय की सुरक्षा कड़ी
मकर द्वार से इंडिया ब्लॉक के सांसदों के विरोध मार्च से पहले भारतीय चुनाव आयोग कार्यालय के बाहर सुरक्षा भी कड़ी कर दी गई है। विपक्षी नेता और सांसद मंगलवार सुबह राष्ट्रीय राजधानी में भारतीय चुनाव आयोग (ईसीआई) के मुख्यालय निर्वाचन सदन की ओर मार्च करने वाले हैं। यह मार्च विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) प्रक्रिया में कथित अनियमितताओं के विरोध में चल रहे प्रदर्शन और मुख्य चुनाव आयुक्त (सीईसी) ज्ञानेश कुमार को बर्खास्त करने की मांग के तहत किया जा रहा है। यह मार्च मतदाता सूचियों में कथित विसंगतियों के खिलाफ विपक्ष के निरंतर अभियान और चुनाव आयोग से अधिक पारदर्शिता की मांग के बीच हो रहा है।
विरोध प्रदर्शन विपक्ष द्वारा घोषित व्यापक "लोकतंत्र बचाओ" अभियान का हिस्सा
कई इंडिया ब्लॉक पार्टियों के नेता इस मार्च में भाग लेंगे और चुनाव आयोग (ईसी) के समक्ष अपनी चिंताएं उठाएंगे। यह विरोध प्रदर्शन विपक्ष द्वारा घोषित व्यापक "लोकतंत्र बचाओ" अभियान का हिस्सा है, जिसके तहत विपक्ष के नेता चुनाव आयोग के खिलाफ प्रदर्शन और सार्वजनिक कार्यक्रम आयोजित कर रहे हैं। निर्वाचन सदन तक का यह मार्च मतदाता सूचियों से संबंधित मुद्दों पर विपक्ष और चुनाव आयोग के बीच राजनीतिक टकराव को और तेज कर सकता है।
(इनपुटः ANI)
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