प्राइम न्यूज़ – एक कसम, राष्ट्र प्रथम
Breaking News

SIR पर SC के फैसले को BJP नेता ने सही ठहराया है।

SIR पर SC के फैसले पर BJP नेता ने जताई उम्मीद, अब ECI पर हमला करना बंद कर देंगे कांग्रेस नेता

BJP नेता नलिन कोहली ने SIR पर सुप्रीम कोर्ट के फैसले पर कहा है कि अब कांग्रेस नेताओं को चुनाव आयोग पर हमले बंद कर देने चाहिए।

sir पर sc के फैसले पर bjp नेता ने जताई उम्मीद अब eci पर हमला करना बंद कर देंगे कांग्रेस नेता 

BJP नेता नलिन कोहली | ANI

नई दिल्ली: बिहार में वोटर लिस्ट के 'स्पेशल इंटेंसिव रिवीजन' पर सुप्रीम कोर्ट के फैसला का BJP नेता नलिन कोहली ने स्वागत किया है। उनका कहना है कि अब कांग्रेस नेताओं को चुनाव आयोग पर हमले बंद कर देने चाहिए। कोहली ने ECI की प्रक्रिया को संवैधानिक बताते हुए कहा कि हर पार्टी को स्वतंत्र और निष्पक्ष चुनाव सुनिश्चित करने में मदद करनी चाहिए। 

सुप्रीम कोर्ट का फैसला विपक्षी पार्टी के लिए मिसाल- नलिन कोहली

उन्होंने SIR प्रक्रिया पर सवाल उठाने के लिए कांग्रेस नेता राहुल गांधी की आलोचना की। साथ ही सुप्रीम कोर्ट के फैसले को विपक्षी पार्टी के लिए एक मिसाल बताया। उन्होंने उम्मीद जताई कि सुप्रीम कोर्ट के फैसले के बाद कांग्रेस समेत अन्य राजनीतिक पार्टियां और कांग्रेस के नेता अब चुनाव आयोग पर हमला करना बंद कर देंगे।"

RJD सांसद ने सुप्रीम कोर्ट के फैसले पर जताई निराशा

वहीं, RJD सांसद मनोज कुमार झा ने सुप्रीम कोर्ट के फैसले पर निराशा जताई है। उनका कहना है कि विपक्ष ने चुनाव आयोग के अधिकारों को चुनौती नहीं दी, बल्कि SIR प्रक्रिया पर सवाल उठाए हैं। उन्होंने कहा कि हमें सुप्रीम कोर्ट से उम्मीदें थीं। हम विस्तृत फैसला देखेंगे। अभी कुछ कहने को नहीं है। 

SIR का उद्देश्य मतदाता सूचियों की शुद्धता बहाल करना- SC

चीफ जस्टिस की दो सदस्यीय पीठ ने फैसला देते हुए इस प्रक्रिया को "वैध और संवैधानिक" बताया। साथ ही कहा कि यह प्रक्रिया कानूनी और वैध है। SIR का उद्देश्य मतदाता सूचियों की सटीकता और शुद्धता को बहाल करना है। कोर्ट ने स्पष्ट किया कि इस प्रक्रिया में ECI की शक्तियां केवल मतदाता सूचियों में शामिल होने की पात्रता निर्धारित करने तक सीमित हैं, नागरिकता की स्थिति की जांच करने तक नहीं हैं। कोर्ट ने कहा कि मतदाता सूची से किसी व्यक्ति का नाम हटाए जाने से उस व्यक्ति की नागरिकता समाप्त नहीं हो जाती, क्योंकि नागरिकता का निर्धारण केवल कानून के तहत सक्षम प्राधिकारी द्वारा ही किया जा सकता है। (एएनआई)

यह भी पढ़ें- सुप्रीम कोर्ट ने कहाः SIR अवैध नहीं संवैधानिक

यह भी पढ़ें- आसाराम बापू को हाईकोर्ट से झटका, उम्रकैद की सजा बरकरार, सरेंडर करने के आदेश

Related to this topic: