कनाडा की विदेश मंत्री अनीता आनंद ने बुधवार को नई दिल्ली में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और विदेश मंत्री एस. जयशंकर से मुलाकात की।
नई दिल्ली: कनाडा की विदेश मंत्री अनीता आनंद ने बुधवार को नई दिल्ली में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और विदेश मंत्री एस. जयशंकर से मुलाकात की। इस दौरान व्यापार, निवेश, सुरक्षा, ऊर्जा, प्रौद्योगिकी और लोगों के बीच संपर्क जैसे क्षेत्रों में द्विपक्षीय संबंधों को मजबूत करने पर चर्चा हुई। प्रधानमंत्री मोदी से मुलाकात के बाद फेसबुक पर एक पोस्ट में आनंद ने कहा कि भारत और कनाडा में मिलकर एक समृद्ध भविष्य बनाने की अपार क्षमता है। उन्होंने दोनों देशों की रणनीतिक साझेदारी को आगे बढ़ाने के अवसरों पर भी प्रकाश डाला। आनंद ने कहा, “कनाडा और भारत में मिलकर एक समृद्ध भविष्य को आकार देने की अपार क्षमता है। मुझे आज नई दिल्ली में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से मिलने का अवसर मिला और हमने अपनी रणनीतिक साझेदारी और व्यापार, निवेश और सुरक्षा के क्षेत्र में आगे आने वाले अवसरों पर चर्चा की।”
करीब 80 साल पुराने राजनयिक संबंधों का किया जिक्र
आनंद ने कहा कि लगभग 80 वर्षों के राजनयिक संबंधों को पीढ़ियों से चले आ रहे परिवारों, छात्रों और उद्यमियों ने मजबूत किया है। इन लोगों ने दोनों देशों को करीब लाने में अहम भूमिका निभाई है। उन्होंने दोनों देशों के बीच हाल ही में हुए उच्च स्तरीय संपर्कों का भी उल्लेख किया। इनमें इस साल की शुरुआत में कनाडा के प्रधानमंत्री मार्क कार्नी की भारत यात्रा और जारी टीम कनाडा व्यापार मिशन शामिल हैं। आनंद ने उम्मीद जताई कि नए सिरे से शुरू हुए ये संपर्क भविष्य में स्थायी अवसरों में बदलेंगे।
जयशंकर के साथ व्यापार और ऊर्जा सहयोग पर बातचीत
एक अलग पोस्ट में आनंद ने कहा कि एक साल पहले नई दिल्ली में जयशंकर के साथ हुई मुलाकात के बाद से दोनों देशों के संबंधों में हुई प्रगति उत्साहजनक है। उन्होंने विशेष रूप से व्यापार वार्ता और ऊर्जा, नवाचार एवं सुरक्षा के क्षेत्रों में सहयोग का जिक्र किया। उन्होंने कहा, “ठीक एक साल पहले, नई दिल्ली में, मैंने अपने भारतीय समकक्ष डॉ. एस जयशंकर से कनाडा और भारत के बीच संबंधों के लिए एक साझा रोडमैप तैयार करने के लिए मुलाकात की थी। आज वापस आकर, मैं व्यापार वार्ता और ऊर्जा, नवाचार और सुरक्षा के क्षेत्र में हमारे सहयोग को मजबूत करने में हुई प्रगति से उत्साहित हूं।” आनंद ने आगे कहा कि दोनों देशों के बीच संबंधों का महत्व इस बात पर निर्भर करता है कि वे मिलकर क्या हासिल कर सकते हैं। उन्होंने कहा कि अंतरराष्ट्रीय व्यवस्था में हो रहे बदलावों के बीच भारत और कनाडा के संबंधों को मजबूत करना एक समृद्ध भविष्य बनाने और स्वतंत्र, खुले एवं समृद्ध हिंद-प्रशांत क्षेत्र में योगदान देने का अवसर प्रदान करता है। जयशंकर ने भी अपनी कनाडाई समकक्ष से मुलाकात की। इस दौरान दोनों नेताओं ने व्यापार और निवेश, शिक्षा, ऊर्जा, रक्षा तथा लोगों के बीच संपर्क के क्षेत्रों में द्विपक्षीय संबंधों की प्रगति की समीक्षा की। दोनों ने क्षेत्रीय और वैश्विक घटनाक्रमों पर भी विचार-विमर्श किया। ये मुलाकातें तनावपूर्ण संबंधों के दौर के बाद नई दिल्ली और ओटावा के बीच नए सिरे से शुरू हुए राजनयिक प्रयासों के बीच हुई हैं।
पीएम मोदी और मार्क कार्नी के बीच भी हुई थी बातचीत
मंगलवार को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और कनाडा के प्रधानमंत्री मार्क कार्नी ने टेलीफोन पर बातचीत की थी। दोनों नेताओं ने व्यापार, ऊर्जा, प्रौद्योगिकी, सुरक्षा और लोगों के बीच संपर्क पर ध्यान केंद्रित करते हुए द्विपक्षीय संबंधों में सकारात्मक गति को आगे बढ़ाने पर सहमति जताई।
सीईपीए समझौते को अंतिम रूप देने की कोशिश
भारत और कनाडा व्यापार एवं निवेश के अवसरों को बढ़ाने के लिए व्यापक आर्थिक साझेदारी समझौते (सीईपीए) पर बातचीत को अंतिम रूप देने की दिशा में भी काम कर रहे हैं। कनाडा के अंतर्राष्ट्रीय व्यापार मंत्री मनिंदर सिद्धू भी प्रमुख क्षेत्रों में व्यापार के अवसर तलाशने के लिए भारत दौरे पर हैं। वह लगभग 300 प्रतिनिधियों के प्रतिनिधिमंडल का नेतृत्व कर रहे हैं।
(एएनआई)
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