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पतंजलि फूड पार्क में CISF की सुरक्षा

गृह मंत्रालय का बड़ा फैसला: हरिद्वार के पतंजलि फूड पार्क से CISF के 34 मंजूर पद खत्म

गृह मंत्रालय ने हरिद्वार के पतंजलि फूड एंड हर्बल पार्क से CISF के सभी 34 मंजूर पदों को खत्म कर दिया है। फोर्स को इस साल मई में वहां से हटा लिया गया था, जिसके बाद अब औपचारिक आदेश जारी हुआ है।

गृह मंत्रालय का बड़ा फैसला हरिद्वार के पतंजलि फूड पार्क से cisf के 34 मंजूर पद खत्म

Representative image (File photo) |

नई दिल्ली। गृह मंत्रालय (MHA) ने सेंट्रल इंडस्ट्रियल सिक्योरिटी फोर्स (CISF) को निर्देश दिया है कि वह उत्तराखंड के हरिद्वार में स्वामी रामदेव के पतंजलि फूड एंड हर्बल पार्क प्राइवेट लिमिटेड में अपनी सिक्योरिटी विंग के सभी 34 मंजूर पदों को खत्म कर दे। यह कदम फोर्स द्वारा वहां से अपनी सिक्योरिटी हटाने के कुछ महीनों बाद उठाया गया है। CISF ने इस साल 4 मई को पतंजलि फूड एंड हर्बल पार्क से अपनी सिक्योरिटी तैनाती हटा ली थी। सिक्योरिटी हटाने के बाद, गृह मंत्रालय ने अब औपचारिक रूप से उन पदों को खत्म करने का आदेश दिया है जो इस संस्थान में तैनात CISF सिक्योरिटी विंग की मंजूर संख्या का हिस्सा थे।

इस महीने की शुरुआत में CISF को भेजे गए एक पत्र में, गृह मंत्रालय ने 4 मई, 2026 को पतंजलि फूड एंड हर्बल पार्क प्राइवेट लिमिटेड, हरिद्वार (उत्तराखंड) से CISF सिक्योरिटी विंग को वापस बुलाए जाने के परिणामस्वरूप "नीचे उल्लिखित 34 पदों को समाप्त करने" के निर्णय की जानकारी दी है। इस मंजूर संख्या में एक असिस्टेंट कमांडेंट, चार सब-इंस्पेक्टर, दो असिस्टेंट सब-इंस्पेक्टर, 11 हेड कॉन्स्टेबल और 16 कॉन्स्टेबल शामिल थे।

बकाया भुगतान चुकाने का भी निर्देश

गृह मंत्रालय ने CISF को यह सुनिश्चित करने का भी निर्देश दिया है कि "सभी लंबित और बकाया भुगतान, यदि कोई हों, तो संबंधित मैनेजमेंट द्वारा चुका दिए जाएं।" फूड पार्क से CISF सिक्योरिटी विंग को हटाने के बाद पदों को खत्म करने के आदेश के साथ ही बकाया भुगतान के संबंध में यह निर्देश जारी किया गया है। गृह मंत्रालय के इस पत्र की प्रति एडिशनल डायरेक्टर जनरल (नॉर्थ), CISF के डायरेक्टर जनरल, पतंजलि फूड एंड हर्बल पार्क प्राइवेट लिमिटेड के मुख्य कार्यकारी अधिकारी (CEO) और अन्य संबंधित अधिकारियों को भेजी गई है।

2015 की हिंसक घटना के बाद मिली थी सुरक्षा

CISF जून 2015 से ही पतंजलि फूड एंड हर्बल पार्क को सिक्योरिटी दे रही थी। यह तैनाती संस्थान के सिक्योरिटी गार्ड और एक स्थानीय ट्रक यूनियन के समर्थकों के बीच हुई झड़प में एक व्यक्ति की मौत के बाद की गई थी। यह झड़प मई 2015 में सिक्योरिटी गार्ड और ट्रक यूनियन के समर्थकों के बीच हुई थी। यूनियन के लोग इस बात का विरोध कर रहे थे कि फूड पार्क अपने सामान को बाजार तक पहुंचाने के लिए हरिद्वार के बाहर के ट्रक ऑपरेटरों की सेवाएं ले रहा था। इस झड़प में एक व्यक्ति की मौत हो गई थी। घटना के बाद, योग गुरु रामदेव के भाई रामभरत समेत 10 लोगों को इस मामले में गिरफ्तार किया गया था।

फूड पार्क खुद उठाता था सुरक्षा का खर्च

इसके बाद, जून 2015 में फ़ूड पार्क में सुरक्षा इंतजामों के तहत CISF को तैनात किया गया था। CISF की सुरक्षा सेवाओं का भुगतान फूड पार्क प्रशासन करता था। यह संस्थान पैरामिलिट्री फोर्स की सेवाओं के लिए केंद्र सरकार को भुगतान करता था। गृह मंत्रालय के ताजा आदेश से पतंजलि फूड एंड हर्बल पार्क में CISF सुरक्षा विंग के लिए मंजूर किए गए मैनपावर स्ट्रक्चर (कर्मियों की संख्या) को औपचारिक रूप से खत्म कर दिया गया है। इस साल मई में फ़ोर्स को वहाँ से हटा लिया गया था।

CISF के इतिहास और ताकत पर एक नजर

इस फैसले के तहत 34 कर्मियों की पूरी मंजूरशुदा संख्या को खत्म कर दिया गया है - इसमें असिस्टेंट कमांडेंट से लेकर कॉन्स्टेबल तक के पद शामिल हैं - जिन्हें हरिद्वार स्थित इस संस्थान की सुरक्षा विंग में चौबीसों घंटे तैनात किया गया था। 1968 में संसद के 50वें अधिनियम के तहत गठित CISF आज गृह मंत्रालय के अधीन एक बहुआयामी केंद्रीय सशस्त्र पुलिस बल (CAPF) के रूप में काम कर रही है। महज 3,129 कर्मियों के साथ मामूली शुरुआत करने वाली यह फोर्स अब 2.20 लाख कर्मियों की एक मजबूत ताकत बन चुकी है और देश के लगभग सभी राज्यों में तैनात है।

देश भर में महत्वपूर्ण प्रतिष्ठानों की सुरक्षा

CISF अभी 361 महत्वपूर्ण राष्ट्रीय प्रतिष्ठानों (इंस्टॉलेशन) को सुरक्षा कवच प्रदान करती है, जिनमें 70 हवाई अड्डे शामिल हैं। इसके अलावा, फ़ोर्स किसी भी सुरक्षा आपात स्थिति से निपटने के लिए 12 रिजर्व बटालियन बनाए रखती है और देश भर में आठ अत्याधुनिक प्रशिक्षण संस्थान चलाती है, जो लगातार "भविष्य की फोर्स" को तैयार और मजबूत करते हैं।
​(भाषांतर: Ravi Pandey । इनपुट: ANI)

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