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ब्रिक्स सम्मेलन में बोले एस जयशंकर

सहयोग आवश्यक है, संवाद अनिवार्य, सुधार की सख्त जरूरत : ब्रिक्स सम्मेलन में बोले एस जयशंकर

नई दिल्ली। विदेश मंत्री एस जयशंकर ने शुक्रवार को संयुक्त राष्ट्र सहित वैश्विक शासन संस्थानों में तत्काल सुधार...

सहयोग आवश्यक है संवाद अनिवार्य सुधार की सख्त जरूरत  ब्रिक्स सम्मेलन में बोले एस जयशंकर

सहयोग आवश्यक है, संवाद अनिवार्य, सुधार की सख्त जरूरत : ब्रिक्स सम्मेलन में बोले एस जयशंकर |

नई दिल्ली। विदेश मंत्री एस जयशंकर ने शुक्रवार को संयुक्त राष्ट्र सहित वैश्विक शासन संस्थानों में तत्काल सुधार और मजबूत बहुपक्षीय सहयोग की आवश्यकता पर बल दिया। ब्रिक्स विदेश मंत्रियों की बैठक के "वैश्विक शासन और बहुपक्षीय प्रणाली में सुधार" शीर्षक वाले सत्र की अध्यक्षता करते हुए एस जयशंकर ने कहा कि संयुक्त राष्ट्र को प्रभावी बने रहने के लिए सुधारों की आवश्यकता है। 

एस जयशंकर ने कहा कि "भारत अंतरराष्ट्रीय वित्तीय और व्यापार प्रणालियों के पुनर्गठन की मांग कर रहा है। हमारे समय का संदेश स्पष्ट है। सहयोग आवश्यक है। संवाद अनिवार्य है। सुधार बहुत पहले ही हो जाने चाहिए थे।” उन्होंने संयुक्त राष्ट्र सुधारों और सुरक्षा परिषद की केंद्रीयता पर जोर दिया। विदेश मंत्री ने चेतावनी दी कि स्थायी और अस्थायी दोनों श्रेणियों में विस्तार नहीं होता है तो संयुक्त राष्ट्र की प्रभावशीलता और विश्वसनीयता सीमित रह जाएगी

अंतरराष्ट्रीय वित्तीय संरचना में तत्काल सुधारों का आह्वान : एस जयशंकर

उन्होंने बहुपक्षीय विकास बैंकों को अधिक “उत्तरदायी, मजबूत और सुसज्जित” बनाने के लिए अंतरराष्ट्रीय वित्तीय संरचना में तत्काल सुधारों का आह्वान किया। विदेश मंत्री ने विश्व व्यापार संगठन (डब्ल्यूटीओ) को केंद्र में रखते हुए निष्पक्ष, खुली और समावेशी अंतरराष्ट्रीय व्यापार प्रणाली” की वकालत की।

एस जयशंकर और अराघची के बीच हुई द्विपक्षीय वार्ता

जयशंकर ने नई दिल्ली में ब्रिक्स बैठक के दौरान अपने ईरानी समकक्ष सैयद अब्बास अराघची के साथ द्विपक्षीय वार्ता भी की। बैठक के दौरान अराघची ने ब्रिक्स विदेश मंत्रियों की बैठक की मेजबानी के लिए भारत को धन्यवाद दिया और आशा व्यक्त की कि भारत की अध्यक्षता से सदस्य देशों के बीच “अधिक समन्वय और उपलब्धियां” प्राप्त होंगी।

ईरानी मंत्री ने जयशंकर को "40 दिन के युद्ध" के बाद के घटनाक्रमों, मौजूदा युद्धविराम स्थिति और संघर्ष को समाप्त करने से संबंधित चल रही वार्ताओं के बारे में भी जानकारी दी। होर्मुज जलडमरूमध्य में नवीनतम घटनाक्रमों को लेकर दोनों ने विचारों का आदान-प्रदान किया। 

ब्रिक्स की बैठक के दूसरे दिन अराघची का संबोधन

इस बीच, नई दिल्ली में ब्रिक्स विदेश मंत्रियों की बैठक के दूसरे दिन संबोधन में अराघची ने वैश्विक शासन संस्थानों में तत्काल सुधार का आह्वान किया और ईरान में नागरिकों और बुनियादी ढांचे पर हमलों की निंदा की। 

उन्होंने कहा, "अंतरराष्ट्रीय समुदाय को दोहरे मापदंड को त्यागना होगा और यह दिखाना होगा कि मीनाब में एक बच्चे का जीवन उतना ही मूल्यवान है जितना कि दुनिया में कहीं भी एक बच्चे का जीवन।"

UNSC में सुधार करना कोई विकल्प नहीं, बल्कि आवश्यकता : अराघची

वैश्विक शासन व्यवस्था को लेकर अराघची ने कहा कि "संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद (यूएनएससी) में सुधार करना कोई विकल्प नहीं, बल्कि संयुक्त राष्ट्र के अस्तित्व के लिए एक आवश्यकता है।" "हम एक ऐसी परिषद चाहते हैं, जो वास्तव में दुनिया के सभी महाद्वीपों और क्षेत्रों का प्रतिनिधित्व करे।"

उन्होंने कहा, "एक ऐसी परिषद, जिसमें शक्ति का वितरण जिम्मेदारीपूर्वक और निष्पक्ष रूप से किया जाता है, न कि केवल कुछ अत्याचारी और आक्रामक शक्तियों के हितों में।" ब्रिक्स की भूमिका पर बात करते हुए ईरानी विदेश मंत्री ने कहा कि इस समूह में "सच्चे बहुपक्षवाद की रीढ़" बनने की क्षमता है।

(एएनआई)

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