Election Commission : चुनाव आयोग ने एसआइआर के तहत की जाने वाली सुनवाई को दौरान वोटरों द्वारा दिए गए प्रमाणों के कागजातों का पांच दिन में..
Election Commission : चुनाव आयोग ने एसआइआर के तहत की जाने वाली सुनवाई को दौरान वोटरों द्वारा दिए गए प्रमाणों के कागजातों का पांच दिन में सत्यापन करने का निर्देश दिया है। बीएलओ कागजातों को ऐप पर लोड कर डीएओ के पांच भेजेंगे। डीएओ अपने स्तर पर कागजातों की जांच करेंगे।
राज्य के मुख्य चुनाव अधिकारी कार्यालय के अनुसार सूक्ष्म पर्यवेक्षकों को हर सुनवाई केंद्रो में मौजूद रहना है। उन्हें इआरओ और एइआरओ के कामकाज की निगरानी करनी होगी। उनकी समय पर उपस्थिति नहीं होने या बिल्कुल उपस्थिति नहीं होने पर सुनवाई के काम में बाधा खड़ी हो सकती है।
राज्य के मुख्य चुनाव अधिकारी के देखरेख में 46 सौ से भी अधिक सूक्ष्म पर्यवेक्षकों को प्रशिक्षण दिया जा चुका है। उन्होंने 26 दिसंबर तक राज्य के विभिन्न जिलों के विभन्न बीडीओ के कार्यालय में उपस्थित हो जाने की सूचना दी जा चुकी है। बीडीओ द्वारा उन्हें वहां-वहां भेजा जाएगा, जहां-जहां वोटरों की सुनवाई होगी।
सूत्रों के अनुसार एक हजार से भी अधिक सूक्ष्म पर्यवेक्षक ने मुख्य चुनाव अधिकारी के पास मुक्त करने की गुहार की है। उनकी एक बड़ी समस्या यह है कि उन्हें उनके क्षेत्र से दूर-दूर क्षेत्रों में भेजा रहा है। एक जिले से दूसरे दूर के जिलों में भेजा जा रहा है। वे चाहते हैं कि उन्हें उनके क्षेत्र या जिले में ही ऱखा जाए।
सूत्रों के अनुसार जिन वोटरों की सुनवाई की जानी है, उन्हें बीएलओ की ओर से सूचना भेजी जा रही है। बीएलओ वोटरो के कागजात ले रहे हैं और उन्हें अपने ऐप लोड कर रहे हैं। बीएलओ ही वोटरों को यह सूचित करेंगे कि उनकी सुनवाई किस केद्र पर होगी। बीडोओ, एसडीओ, डीइओ के कार्यालय में सुनवाई 27 दिसंबर से शुरू कर होगी। जिन वोटरों के नाम का 2002 के वोटर लिस्ट से मिलान नहीं हो पाया है उन वोटरों की पहले सुनवाई होगी। ऐसे वोटरों की संख्या 30 लाख से भी अधिक है।
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