नेशनल कॉन्फ्रेंस के अध्यक्ष फारूक अब्दुल्ला ने पाकिस्तान के खैबर पख्तूनख्वा में हुए आत्मघाती हमले की कड़ी निंदा करते हुए आतंकवाद को दुनिया के लिए सबसे बड़ी चुनौती बताया है।
पहलगाम (जम्मू और कश्मीर)। जम्मू-कश्मीर नेशनल कॉन्फ्रेंस के अध्यक्ष फारूक अब्दुल्ला ने शनिवार को पाकिस्तान के खैबर पख्तूनख्वा प्रांत में हुए आत्मघाती बम हमले की निंदा करते हुए आतंकवाद को दुनिया के सामने सबसे बड़ी चुनौती बताया और भारत और पाकिस्तान से शांति बहाल करने के लिए बातचीत शुरू करने का आह्वान किया।
आतंकवाद का कहर पूरी दुनिया में जारी
हमले पर प्रतिक्रिया देते हुए अब्दुल्ला ने कहा, "यह दुखद है कि आतंकवाद का कहर पूरी दुनिया में जारी है। आतंकवाद आज भी दुनिया के सामने सबसे बड़ी चुनौती है।" उन्होंने उम्मीद जताई कि आतंकवाद के लगातार बढ़ते खतरे का समाधान निकाला जाएगा और दोनों पड़ोसी देश अंततः बातचीत फिर से शुरू करेंगे। अब्दुल्ला ने कहा, "हमें उम्मीद है कि कोई समाधान निकलेगा और भारत और पाकिस्तान बातचीत के लिए बैठेंगे ताकि दोनों देशों में एक बार फिर शांति लौट सके।"
धमाके के बाद कई हमलावर परिसर में घुसे
डॉन के अनुसार, उनकी यह टिप्पणी 18 सितंबर को कोहाट पुलिस लाइंस स्थित एक मस्जिद के पास विस्फोटकों से भरी गाड़ी में हुए विस्फोट के बाद पुलिस सुविधाओं पर हुए हमले के बाद आई है, जिसमें 15 पुलिसकर्मियों सहित कम से कम 21 लोग मारे गए थे। अधिकारियों के हवाले से डॉन ने बताया कि धमाके के बाद कई हमलावर परिसर में घुस गए और आतंकवाद विरोधी विभाग और विशेष शाखा की इमारतों की ओर बढ़े। खैबर पख्तूनख्वा के महानिरीक्षक जुल्फिकार हमीद ने बताया कि एक वाहन में सवार आत्मघाती हमलावर ने सबसे पहले परिसर के गेट पर हमला किया। उन्होंने कहा कि इसके बाद कम से कम सात हमलावर परिसर में घुस गए।
हमले की जिम्मेदारी हाफिज गुल बहादुर के नेतृत्व वाले समूह ने ली
डॉन द्वारा उद्धृत पुलिस के एक बयान में कहा गया है कि सुरक्षाकर्मियों ने आत्मघाती हमलावर समेत छह हमलावरों को मार गिराया, जबकि शेष हमलावरों के खिलाफ तलाशी अभियान चलाया गया। कोहाट जिले के स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. नासिर हसन अफरीदी ने डॉन को बताया कि हमले में 80 से अधिक लोग घायल हुए हैं, जिनमें से तीन की हालत गंभीर है। इस हमले की जिम्मेदारी हाफिज गुल बहादुर के नेतृत्व वाले एक आतंकवादी समूह ने ली है। पाकिस्तानी सरकार तहरीक-ए-तालिबान पाकिस्तान (टीटीपी) से जुड़े आतंकवादियों के लिए फितना-उल-ख्वारिज शब्द का इस्तेमाल करती है।
घायलों के तत्काल इलाज की व्यवस्था करने का निर्देश
सुरक्षाकर्मियों द्वारा परिसर को खाली कराने के प्रयासों के बीच पुलिस अभियान जारी रहा। खैबर पख्तूनख्वा के मुख्यमंत्री सोहेल अफरीदी ने घटना की विस्तृत रिपोर्ट मांगी और नागरिकों को निशाना बनाए जाने को बेहद खेदजनक और अस्वीकार्य बताया। उन्होंने अधिकारियों को घायलों के तत्काल इलाज की व्यवस्था करने का निर्देश भी दिया। (इनपुटः ANI)
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